महासमुन्द: कलेक्टर ने बतायी राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना क्रियान्वयन की बारीकियॉ
पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न हो: कलेक्टर सिंह
महासमुन्द:
राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के क्रियान्वयन हेतु गठित
अनुश्रवण समिति की बैठक कलेक्टर की अध्यक्षता में आज यहां कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष
में आयोजित हुई। कलेक्टर सिंह ने कहा कि
प्रदेश में ‘‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय
योजना’’ वित्तीय वर्ष 2021-2022
प्रारम्भ किया जा
रहा है। उन्होंने इस योजना का मुख्य उद्देश्य बतातें हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र
में भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की पहचान करना तथा भूमिहीन कृषि परिवारों को
वार्षिक आधार पर आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराना है। इससे भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों
के शुद्ध आय में वृद्धि करना है। यह योजना राजस्व की देखरेख में क्रियान्वयन होगी।
उन्होंने इस योजना के क्रियान्वयन की बारीकियॉ बतायी।
उन्होंने
पुनः दोहराया कि संबंधित अधिकारी विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को ढंग से पढ़
लें तद्ानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों के तहत्
योजनांतर्गत हितग्राही परिवारों के पंजीयन का काम आगामी 1 सितम्बर
2021 से 30 नवम्बर 2021 तक
किया जाएगा। बैठक में समिति सदस्य मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आकाश छिकारा, उप संचालक कृषि एस.आर. डोंगरे, जिला सूचना अधिकारी
(एनआईसी) देवेन्द्र कुमार, श्रम
अधिकारी डी.के. राजपूत, लीड
बैंक मैनेजर अनुराग वास्तव और नोडल
अधिकारी डिप्टी कलेक्टर डॉ. नेहा कपूर उपस्थित थी। समिति की यह बैठक समय-सीमा बैठक
के बाद हुई।
कलेक्टर ने जिले के सभी तहसीलदार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं पटवारियों को अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार खासकर ग्रामीण इलाकों में विभिन्न माध्यम के जरिए करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद सीईओ को भी पात्र हितग्राहियों के लिए हेल्प लाईन नम्बर जारी करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग हेतु नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी की गई है। आवेदन निर्धारित प्रारूप में संबंधित ग्राम सचिव के पास जमा करा सकते है। आवेदन में आधार नम्बर एवं बैंक खाता, मोबाईल नम्बर आदि की जानकारी भी भरकर देनी होगी।
उन्होंने कहा कि आवेदक से प्राप्त आवेदन योजना हेतु बनाए पोर्टल तहहइाउदलण्बहण्दपबण्पद में पंजीयन अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही इस योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए इसका ध्यान रखा जाए। सिंह ने कहा कि सीईओ जनपद पंचायत द्वारा ग्राम पंचायतवार प्राप्त सभी आवेदनों का पंजीयन कर अनंतिम सूची बनाई जाएगी। जिसकी भू-भर्ता के संबंध मंें परीक्षण राजस्व अधिकारी द्वारा किया जावेगा। इस प्रकार तैयार की गई सूची को ग्राम सभा के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा जाए। सूची अनुमोदन पश्चात् निर्धारित अवधि में जिले हेतु अंतिम पात्रता सूची जिला कार्यालय में तैयार की जाएगी।