महासमुन्द: सरकारी दफ्तरों और ऑगनबाड़ी केन्द्रों में रोजाना राष्ट्रगान के बाद शुरू होता है काम
महासमुन्द: बच्चों में बचपन से राष्ट्रभक्ति की भावना
को प्रबल बनाने के लिए स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने के पहले राष्ट्रगान कराया जाता
है। बच्चें स्कूल की पढ़ाई पूरी कर जब उच्च शिक्षा या अन्य कार्य में लग जाते है तो
यह सिलसिला लोगों की जिंदगी में थम जाता है और किसी विशेष मौके या राष्ट्रीय पर्व
पर ही लोग राष्ट्रगान गाते हैं, लेकिन महासमुंद के सरकारी दफ्तर और ऑगनबाड़ी केन्द्रों
में अब ऐसा नहीं है। यहाँ सरकारी कामकाज की शुरूआत राष्ट्रीय गान के बाद शुरू होती
है। प्रतिदिन प्रातः 10.30 बजे अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में पहुंचते हैं तो
वहीं ऑगनबाड़ी केन्द्रों में सुबह 9ः00 बजे सब मिलकर राष्ट्रगान गाते हैं, कार्यालय में राष्ट्रगान
के बाद अनुशासन के साथ सरकारी काम काज की शुरूआत होती है।

कलेक्टर डोमन सिंह ने इसी वर्ष जनवरी में पदभार के
बाद ली गयी अधिकारियों की पहली बैठक में राष्ट्रगान के साथ सरकारी काम-काज की
शुरूआत करने कहा था। इसके फ़ोटो भी ग्रुप में शेयर की बात कही थी। ये बात
अधिकारियों-कर्मचारियों को भी अच्छी लगी और तब से नियमित तौर पर अधिकारी-कर्मचारी
कार्यालय दिवसों में राष्ट्रगान कर रहे है। फ़ोटो भी ग्रुप में नियमित तौर पर शेयर
करते है।
कलेक्टर सिंह ने बीते
गुरूवार को ऑगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ली गई बैठक में ऑगनबाड़ी केन्द्रों में भी
बच्चों को राष्ट्रगान कराने की बात कही थी। इसके साथ उन्होंने माह के प्रत्येक
द्वितीय एवं तृतीय शनिवार को ऑगनबाड़ी केन्द्रों और परिसरों में विशेष साफ-सफाई
कराने को भी कहा था। उन्होंने कहा था कि सरकारी दफ्तरों में भी इस अवधि में
अधिकारी-कर्मचारी साफ-सफाई करते है और कार्यालयीन अभिलेखों को व्यवस्थित एवं सलीके
से रखते है। इसी तरह का काम ऑगनबाड़ियों में भी हो। क्योंकि यहां नन्नें मुन्नें
बच्चें आते हैं। इसीलिए यहां साफ-सफाई होना बहुत जरूरी है। क्योंकि यह केन्द्र
सीधा बच्चों और गर्भवती एवं शिशुवती माताओं से जुड़ा रहता है। यह बात भी
कार्यकर्ताओं को अच्छी लगी और आज से जिले के ऑगनबाड़ी केन्द्रों में भी बच्चों
द्वारा राष्ट्रगान कराने की परम्परा शुरू हुई। राष्ट्रगान की फोटो भी ग्रुप में
शेयर किए गए।