महासमुंद : महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने सफ़रा माता महिला स्व-सहायता समूह जाकर सामग्री रेडी-टू-ईट एवं अन्य सामग्री की गुणवत्ता चेक की
आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार ( रेडी-टू-ईट ) देने वाले अनुबंधित समूहों पर नकेल कसने महिला एवं बाल विकास विभाग हर साल कुछ न कुछ प्रयोग करता है। इसके बाद भी समूह गुणवत्ता को लेकर उदासीन न बनें। इसलिए ज़िले में नवपदस्थ ज़िला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास समीर पाण्डे आज अचानक रेडी टू ईट का सफ़रा माता महिला स्व-सहायता समूह जाकर रेडी-टू-ईट सामग्री की गुणवत्ता देखी एवं बनायी जाने वाले उपकरण मिक्सिंग आदि का अवलोकन किया। उन्होंने मौक़े पर साफ़-सफ़ाई के लिए कहा ।
समीर ने कहा कि जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में पहुंचने वाला रेडी-टू-ईट फूड में जो क्वालिटी होनी चाहिए वह शत-प्रतिशत होनी चाहिए इस बात का विशेष ख्याल रखा जाए। बच्चे आपके गाँव और आपके बीच के है। उन्हें गुणवत्तापूर्ण रेडी-टू-ईट फूड मिले यह हम सभी का दायित्व है। रेडी टू ईट फूट प्रदाय कर रहे हैं। मुर्रा लड्डू हो या दलिया, शिशु शक्ति आहार वाला पाउडर ही क्यों न हो सभी सामग्री निर्धारित गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी रेडी-टू-ईट फूड की गुणवत्ता को लेकर सजग है।