महासमुन्द: संसदीय सचिव ने पोषण पखवाड़ा रथ एवं सायकल रैली को दिखायी हरी झण्डी, 10 ऑगनबाड़ियों को मिले डबल गैस सिलेंडर और चूल्हा
कार्यक्रम में 10 ऑगनबाड़ी केन्द्रों को डबल गैस सिलेंडर एवं चूल्हा का भी वितरण किया गया। कार्यक्रमों में जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल, जनपद पंचायत महासमुन्द के अध्यक्ष यतेन्द्र साहू, रश्मि चंद्राकर, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुधाकर बोदले सहित जनप्रतिनिधिगण, ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन की उपस्थिति थे।
संसदीय सचिव एवं विधायक चंद्राकर ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर की बेहतरी के उद्देश्य से इस वर्ष भी सितंबर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जन आंदोलन और जनभागीदारी से कुपोषण को मिटाना है। पोषण माह का मुख्य उद्देश्य अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित और उनकी मॉनिटरिंग करना तथा दूसरा किचन गार्डन को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण अभियान है। पूरे छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद ज़िले में कुपोषण एवं एनीमिया कमी लाने के उद्देश्य से प्रदेश में एक से 30 सितम्बर तक जन-आंदोलन के रूप में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जाएगा।
संसदीय सचिव चंद्राकर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा
सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर अनेक प्रकार की योजनाएं संचालित की है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं मैदानी अमलांे केे द्वारा
बच्चों और महिलाओं को लाभान्वित करने के लिए कार्य कर रहें है। उनके द्वारा कोविड
के समय पर भी बच्चों एवं गर्भवती माताओं को रेडी-टू-ईट, पोषण आहार, राशन, गरम भोजन दिलाने का कार्य
बड़े ही जिम्मेदारी पूर्वक की गई। बच्चों एवं शिशुवती माताओं को सुपोषित करने का
प्रयास भी लगातार किया जा रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष उषा
पटेल ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चें के जन्म लेने से पूर्व
एवं बाद में भी उनके स्वास्थ्य का देखभाल करने में जुट जाता है। गर्भवती माताएं
एवं उनके बच्चें कुपोषित न हो इसके लिए ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन
हितग्राहियों से घर-घर जाकर लगातार सम्पर्क करती है। जिससे उनके स्वास्थ्य सही
तरीके से रहे। इसके अलावा जनपद अध्यक्ष यतेन्द्र साहू एवं रश्मि चंद्राकर ने भी
कार्यक्रम को संबोधित किया।