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महासमुन्द: अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस: संसदीय सचिव चंद्राकर ने शिक्षकों, अनुदेशक एवं असाक्षर प्रशिक्षार्थियों का किया सम्मान

साक्षर व्यक्ति की वैचारिक क्षमता समृद्ध होती है : चंद्राकर

महासमुन्द: विकासखण्ड साक्षरता मिशन प्राधिकरण महासमुन्द के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर पढ़ना-लिखना अभियान के तहत सर्वे कार्य करने वाले शिक्षकांे, अनुदेशक एवं असाक्षर प्रशिक्षार्थियों का सम्मान समारोह एवं संगोष्ठी का आयोजन नवकिरण अकादमी महामसुन्द में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि संसदीय सचिव एवं महासमुन्द विधायक विनोद चन्द्राकर एवं अध्यक्षता जनपद पंचायत महासमुन्द के अध्यक्ष यतेंद्र साहू की उपस्थिति में किया गया।        

कार्यक्रम में अतिथियों ने सर्वे कार्य करने वाले शिक्षकों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनुदेशकों एवं पढ़ने लिखने में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 5 असाक्षर प्रशिक्षार्थियों का सम्मान किया।

मुख्य अतिथि विनोद चंद्राकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा साक्षरता मिशन प्राधिकरण के माध्यम से पढ़ना-लिखना अभियान के तहत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए संकल्पित है। इसके तहत साक्षर बनाने के साथ-साथ लोगों में सोच चिंतन करने की क्षमता विकसित करना भी है। आज हमारी वृद्ध माताएं साक्षर होकर समाचार पत्र पढ़कर देश दुनिया की जानकारी प्राप्त कर साझा कर रहे है। साक्षर व्यक्ति की वैचारिक क्षमता समृद्ध होकर अपना विचार प्रस्तुत कर रहे है। यह पढ़ना-लिखना अभियान की उपलब्धि है। जिससे असाक्षर जुड़कर साक्षर होकर इस अभियान को सफल बना रहे है। साक्षरता के जिला परियोजना अधिकारी रेखराज शर्मा एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एम पी साहू ने भी अपना विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर बीआरसीसी जागेश्वर सिन्हा, नोडल अधिकारी खेमीन साहू, समन्वयक भारती सोनी, पीताम्बर पाठक, पवन साहू, रसीद कुरैशी, मनोज साहू, आशीष साहू प्रदीप यादव महेश्वर यादव केशव साहू भुनेश्वर साहू समस्त शिक्षक, अनुदेशक एवं साक्षर प्रशिक्षार्थी उपस्थिति थे। कार्यक्रम का संचालन ईश्वर चन्द्राकर एवं आभार प्रदर्शन सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी गजेंद्र ध्रुव ने किया।

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