महासमुंद: सफलता की कहानी: दिव्यांग पूनम को मिली मोटराईज्ड ट्रायसायकल, बोला अब आसानी से ब्रेड, बिस्किट आदि बेच कर करूंगा कमाई
पटेल अपने चचेरे भाई बलराम पटेल के साथ कलेक्ट्रेट महासमुन्द आए थे।
उन्होंने बताया कि बहुत पहले उन्हंे यह जानकारी मिली थी कि 80 प्रतिशत् से अधिक दिव्यांग होने पर ऑटोमेटिक ट्रायसायकल समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाती है। उन्होंने बताया कि उन्हें सामान्य ट्रायसायकल मिली थी जिसे चलाने में उन्हें दिक्कत होती थी। इसके लिए उन्होंने पहले भी कलेक्टरों को आवेदन किए थे किंतु आज सुनवाई हुई और कलेक्टर डोमन सिंह ने आज कलेक्ट्रेट परिसर में ही उन्हें मोटराईज्ड ट्रायसायकल (बैटरी चलित) की चॉबी सौंपी। इसे पाकर मैं बहुत खुश हूॅ। उप संचालक समाज कल्याण संगीता सिंह ने पटेल से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें पूर्व में दी गई ट्रायसायकल दी गयी थी वह जमा कर इन्हें मोटराईज्ड ट्रायसायकल (बैटरी चलित) आज कलेक्टर के हाथों से उपलब्ध करायी गयी है ताकि ये अपना रोजगार कर अपना जीवन यापन कर सकें। उन्होंने बताया कि इनका प्रकरण कई दिनों से संज्ञान में था किंतु ट्रायसायकल उपलब्ध नहीं होने के कारण इन्हें नहीं दी जा सकी। उन्होंने बताया कि जन्म से ही यह दिव्यांग है।