बाल संप्रेक्षण गृह बरोन्डा बाजार में हिन्दी दिवस पर आत्महत्या रोकथाम और जीवन कौशल विकास पर चित्र लेखन के मध्यम से हुआ कार्यशाला का आयोजन
महासमुंद: बाल सम्प्रेषण बरोन्डा में हिन्दी दिवस पर आत्महत्या रोकथाम और जीवन कौशल विकास पर चित्र लेखन के माध्यम
से कार्यशाला का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम स्पर्श क्लिनिक
जिला मेडिकल कॉलेज सम्बंध जिला चिकित्सालय महासमुंद से मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता
रामगोपाल खूँटे और टीम उपस्थित हुये थे। कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एन के मंडपे और नोडल अधिकारी डॉ छत्रपाल चंद्राकर चिकित्सा
अधिकारी के निर्देशन पर किया गया। कार्यशाला में आत्मह्त्या रोकथाम संकेत के बारे में अवगत कराया गया
है। जीवन कौशल विकास के तहत चित्र लेखन कराया गया। बच्चो को मानसिक तनाव को कम
करने के लिए टिप्स भी बताया गया। समय का प्रबंधन। आपसी सामंजस्य स्थापित करे ।
सूबह के समय योगासन, व्यायाम । ध्यान व मनोरंजन के साधनों का उपयोग करे । खेल के साथ चित्र
लेखन करे। समय पर संगीत और स्वछता को ध्यान रखे। कोविड 19 महामारी के नियमो का पालन करे। अभी वर्तमान में 18 बच्चे बाल सम्प्रेषण गृह बरोन्डा में है।
मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण के साथ परामर्श भी दिया गया । बच्चों में तनाव ग्रस्त भी देखा गया। साथ में व्यवहारिक समस्या। भावनात्मक रूप से गुस्सा। चिड चिड़ापन , उदासी पन, चिंता ग्रस्त व नशा की लत पाया गया सबको समझाईस दिया गया हैं। किसी भी प्रकार से उपद्रव न करे। जब तक रहे अपना घर समझ कर रहे। स्पर्श क्लिनिक महासमुंद से मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता रामगोपाल खूँटे। मोवेज्ञनीक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भुमिका पटेल और लिलि मजखँड और संस्था में कार्यरत कर्मचारियो का सहयोग रहा। प्रति माह जिला चिकित्सालय से टीम जाकर मनोवेज्ञानिक जांच व मनोसामाजिक परामर्श दी जाती है।
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