महासमुंद : कलेक्टर की अध्यक्षता में ई-श्रमिक जिला स्तरीय निग... - CG Sandesh

महासमुंद : कलेक्टर की अध्यक्षता में ई-श्रमिक जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक

कलेक्टर डोमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में श्रमिकों के पंजीयन का कार्य एवं श्रमिकों के पंजीयन हेतु गतिशील करने वर्किंग एंड मोबिलाइजेशन और वर्कर्स की कार्रवाई के निगरानी हेतु गठित जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक हुई। कलेक्टर श्री सिंह ने जिले में ई-श्रमिकों को किए गए पंजीयन की जानकारी ली। उन्होंने पंजीयन की गति के लिए लेबर इंस्पेक्टरों को जिले के एसडीएम से मिलकर श्रमिकों के पंजीयन में गति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले के युवा व समाज सेवी से अपील की कि वे अपने आसपास के या किसी भी मजदूर, कामगार जो पात्रता रखते है उनका पंजीयन कराने में सहयोग कर अपनी महती भूमिका अदा कर सकते है। आपके इस छोटे से कदम से दूसरें के जीवन में बदलाव आ सकता है।

जिला श्रम अधिकारी डी.के. राजपूत ने विकासखण्डवार ई-श्रमिकों के ऑनलाईन पंजीयन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक जिले में 8611 ई-श्रमिकों का ऑनलाईन पंजीयन, जिले में एक्टिव 536 वीएलई के माध्यम से किया गया। इसमें मनरेगा श्रमिक, स्व-सहायता समूह, कृषि श्रमिक, कोटवार, स्ट्रीट वेंडर्स, रिक्शा, ठेला चलाने वाला, निर्माण कार्य में लगे श्रमिक, ईंट भट्ठा श्रमिक, मिड डे मील वर्कर, मछली पालन करने वाले आदि श्रमिक आयेंगे। ई-श्रमिक कार्ड योजना में भारत सरकार के ई-श्रमिक कार्ड के अंतर्गत 2 लाख का बीमा मुफ्त होगा। इसमें वे पात्र नहीं होंगे जो इनकम टैक्स पटाते है या ई.पी.एफ./ई.एस.आई.सी. या एन.पी.एस. के सदस्य है। उन्होंने बताया कि पंजीयन किसी लोक सेवा केन्द्र या सीएससी के माध्यम से करा सकते है या इस साईट https://register.eshram.gov.in/#/user/self से अपना और अपने परिचितों का पंजीयन आप स्वयं भी कर सकते है। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आकाश छिकारा, एसडीएम भागवत जायसवाल, जिला खाद्य अधिकारी समीर पांडे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन.के. मंडपे सहित अन्य समिति सदस्य उपस्थित थे।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें