महासमुंद: कलेक्टर ने नवरात्र पर्व के संबंध में जारी किया निर्देश, ध्वनि विस्तारक यंत्रों डी.जे. का उपयोग रहेगा प्रतिबंधित
महासमुंद: नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण
एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए तथा आगामी माह में जिले में कोरोना पॉजिटिव
प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की संभावना को रोकने एवं नियंत्रण में रखने के लिए
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डोमन सिंह ने नवरात्र पर्व के संबंध में निर्देश
जारी किया गया है।
जारी आदेश में कहा गया है
कि मूर्ति की अधिकतम ऊंचाई 08 फीट होगी परन्तु पी.ओ.पी. (प्लास्टर ऑफ पेरिस) से
निर्मित मूर्ति बिक्री एवं स्थापित करना प्रतिबंधित रहेगा। मूर्ति स्थापना वाले
पंडाल का आकार 15×15 फीट से अधिक नहीं होना चाहिए। पंडाल के सामने कम से
कम 500 वर्ग फीट की खुली जगह हो।
पंडाल एवं सामने 500 वर्गफीट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का
हिस्सा प्रभावित न हो।
मंदिर प्रांगण के भीतर नियत स्थान पर सभी ज्योत का
प्रज्जवलन किया जाएगा। उक्त नियत स्थान पर अग्निशमन सुरक्षा के सभी उपाय किया जाना
अनिवार्य होगा। ज्योत दर्शन के लिए दर्शनार्थियों व अन्य व्यक्तियों का प्रवेश
पूर्णतः वर्जित रहेगा। ज्योत प्रज्जवलन की जिम्मेदारी केवल मंदिर प्रबंधन समिति की
होगी। मंडप/पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने के लिए पृथक से पंडाल नहीं होना
चाहिए। दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने के लिए कुर्सी नहीं लगाये जाएंगे। किसी भी एक
समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 50 व्यक्ति से अधिक न हो। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में
शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जायेगा। ऐसा पाये जाने पर
संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जायेगा।
मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक
रजिस्टर संधारित करेगी, जिसमें दर्शन के लिए आने वाले सभी व्यक्तियों का
नाम, पता, मोबाईल नंबर दर्ज
किया जायेगा ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टेक्ट
ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा
सैनेटाईजर, थर्मल स्क्रिनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंडवाश एवं क्यू
मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की करनी होगी। थर्मल स्क्रिनिंग में बुखार पाये जाने
अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में
प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी। व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल
डिस्टेंसिंग आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बेरिकेटिंग के माध्यम से
कराएं।
कंटेनमेंट जोन में
मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त
क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है, तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना
के दौरान विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा की अनुमति
नहीं होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र, जैसे- धुमाल/ब्रॉस बैंड तथा अन्य वाद्य यंत्र
जिनका पीएमपीओ 200 वॉट से अधिक के बजाने की अनुमति स्थापित पंडाल
अथवा नियत स्थल के 100 मीटर के परिधि के अंतर्गत के लिए होगी। विसर्जन
के साथ-साथ अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी
खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए एक से
अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी एवं मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप, टाटा एस (छोटा हाथी)
से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार
के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी।
मूर्ति विसर्जन के
लिए अधिकतम 10 व्यक्ति की ही अनुमति होगी एवं वे मूर्ति के वाहन
में ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए
प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति
नहीं होगी। विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल
लगाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति एवं पूजन सामग्रियों का विसर्जन संबंधित नगर
पालिका, नगर पंचायत, जनपद पंचायत द्वारा
निर्धारित विसर्जन कुण्ड में ही किया जाये। विसर्जन के लिए संबंधित नगर पालिका, नगर निगम, जनपद पंचायत द्वारा
निर्धारित रूट मार्ग एवं तिथि व समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गों से
मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यास्त के पश्चात् एवं
सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी।
उपरोक्त शर्तों सहित
किसी परिसर के अंदर या सार्वजनिक स्थान पर मूर्ति स्थापित की जाती है, तो कम से कम 03 दिवस पूर्व संबंधित
नगर पालिका, नगर पंचायत, जनपद पंचायत के संबंधित कार्यालय में निर्धारित शपथ-पत्र
आवेदन देना होगा एवं अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित की जा सकेगी, किन्तु यह अनुमति
किसी भी ऐसे स्थान पर प्रदान नहीं की जायेगी, जिससे सार्वजनिक निस्तार या यातायात बाधित होने
की संभावना हो। इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं
परिवार कल्याण मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन, स्वास्थ्य एवं
परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन
विभाग एवं जिला प्रशासन, महासमुन्द द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश/आदेश
का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा
निर्देश के उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकुल अन्य धाराओं के
तहत् कठोर कार्यवाही की जाएगी।