पुलिस ने पत्रकारों के कपड़े उतरवाए, मामला गर्माया तो नपे टीआ... - CG Sandesh

पुलिस ने पत्रकारों के कपड़े उतरवाए, मामला गर्माया तो नपे टीआई और एसआई

मध्यप्रदेश/ सीधी: सिटी कोतवाली थाना में मीडियाकर्मियों के साथ पुलिस के दुर्व्यवहार और थाने में अर्धनग्न अवस्था में खड़ा करने का मामला तूल पकड़ रहा है. देशभर में इसे लेकर चर्चा हो रही है. मामला तूल पकड़ने के बाद थाना प्रभारी और सब इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया गया है.

फोटो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद अब सीधी पुलिस अधीक्षक मनोज श्रीवास्तव का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हम इसकी जांच करवा रहे हैं और जल्द ही दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

एसपी ने क्या कहा
पूरे मामले को लेकर सीधी पुलिस अधीक्षक मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि आईटी एक्ट के तहत पकड़े गए एक आरोपी के समर्थन में कुछ लोग थाने के बाहर माहौल बनाए हुए थे. 

पुलिस ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने. महौल बिगाड़ने पर पुलिस ने हिरासत में लेकर उन्हें लॉकअप के अंदर बंद कर दिया गया था. अगली सुबह उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां उनकी जमानत हो गई थी.

क्या है मामला
बीते कुछ माह पहले से स्थानीय विधायक केदारनाथ शुक्ला के बेटे के नाम को लेकर एक फर्जी आईडी से फेसबुक पर अनर्गल पोस्ट किए जा रहे थे, जिसको लेकर पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत पंजीबद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. जांच के दौरान पाया गया कि नीरज कुंदर नामक व्यक्ति के द्वारा यह कृत्य किया गया है, जिसको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.

सीधी के नीरज कुंदेर नाट्य समिति के संचालक थे, जिनके द्वारा थिएटर कलाकारों के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. नीरज पर आरोप है कि उन्होंने फेसबुक पर नाम बदलकर विधायक केदारनाथ को अपशब्द कहे जिसकी शिकायत थाने में दर्ज हुई और नीरज कुंदेर पर विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है.

नीरज कुंदेर के समर्थन में सीधी के कुछ पत्रकार और नाट्यकर्मियों ने सिटी कोतवाली थाने के सामने प्रदर्शन किया तो पुलिस ने पत्रकारों और नाट्य कर्मियों को जमकर पीटा और उनके साथ बदसलूकी की गई.

पत्रकारों के कपडे उतार कर उनका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कराया गया. रात भर उन्हें थाने में रखकर मारपीट की गई और सुबह जमानत दे दी गई. पत्रकार के साथ पुलिस के इस व्यवहार की निंदा हो रही है लेकिन पुलिस ने कार्रवाई को सही ठहराया है.

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