बसना क्षेत्र से उभरता हुआ एक और सितारा
रंगोली, पेंटिंग के लिए 2 बार विश्व रिकॉर्ड धारी शिवा मानिकपूरी को आज कौन नही जानता, हालही में उन्होंने कॉफी पेंटिंग से दुनिया की सबसे बड़ी पेंटिंग बना के गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज किया. ठीक उसी तरह बसना अंचल में एक और युवक अपनी पेंटिग से पहचान बनाता हुआ, उभरता हुआ कलाकार - मिथलेश बारिक (21) है. जो बसना क्षेत्र के ग्राम गिधली के रहने वाले हैं. हाल ही में खैरागढ़ जिला ओपनिंग में आये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात किये।
मिथलेश बारिक ने मुख्यमंत्री का पेंटिंग जो कि वे अपने हाथों से बनाये है, भेंट किया. पेंटिग देखकर मुख्यमंत्री बहुत ही हर्षित हुए और शुभाशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि प्रगति पथ पर आगे बढ़ते हुए अपने क्षेत्र, अपने जिला अपने राज्य का मान बढ़ाओ.
मिथलेश के गांव वाले उनके दोस्त कहते है कि मिथलेश बचपन से ही चित्रकला में, मूर्ति कला में रुचि रखता था. जब छोटा था तो मैदे से छिपकिली बना के अपने साथियों को डराया करता था. मिथलेश ने प्रारम्भिक शिक्षा गांव से ही प्राप्त की. मूर्ति कला ,पेंटिंग में रूचि को देखते हुए मिथलेश के पिता कौशल बारीक ने आगे की पढ़ाई के लिए खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय में एडमिशन करा दी. जो कि मिथलेश को वहाँ से मानो एक परहींन पंछी को पर मिल गया हो, मिथलेश के इस तरह के कलाकृतियों को देखकर गांव वाले बहुत ही हर्षित होते है.