बसना : विकासखंड स्तरीय 1 दिवसीय वातावरण निर्माण कार्यशाला सह प्रशिक्षण का हुआ आयोजन
बसना : समावेशी शिक्षा अंतर्गत विकासखंड स्तरीय हाईस्कूल/हायर सेकेंडरी स्कूल स्तर पर 1 दिवसीय वातावरण निर्माण कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन बीआरसी बसना में हुआ, जिसमें विकासखंड के 20 व्याख्यातागणों की उपस्थिति रही। सर्वप्रथम मां सरस्वती की पूजन वंदन हुई। ततपश्चात लोकेश्वर सिंह कंवर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी व प्रभारी बीआरसी, बसना द्वारा सभी छात्रों के शिक्षा में उचित समावेशन करने व समानता के भाव को लाते हुए अध्यापन करने तथा प्रशिक्षण सह कार्यशाला का भरपुर लाभ लेने हेतु सभी प्रशिक्षार्थियों को मार्गदर्शन दिया गया। 
मास्टर ट्रेनर वारिश कुमार द्वारा समस्त प्रशिक्षार्थियों का स्वागत करते हुए समावेशी शिक्षा के अर्थ, परिभाषा, महत्व व उददेश्य की जानकारी देते हुए निःशक्तजन अधिकार अधिनियम 2016 के अनुसार 21 दिव्यांगता का परिचय अर्थ सहित बताया गया, साथ ही साइन लेंग्वेज व ब्रेल लिपि को गतिविधियों के माध्यम से बताया गया और अपने शालाओं में प्रयोग करने हेतु प्रोत्साहित किया गया।
मास्टर ट्रेनर गजेंद्र नायक द्वारा दिव्यांगता के कारण एवं रोकथाम को विस्तृत रूप से समझाया गया। दिव्यांगता को पहचानने हेतु विभिन्न प्रशनावली को भी कार्यशाला में गतिविधि के माध्यम से बताया गया।
मास्टर ट्रेनर वारिश कुमार द्वारा विकासखंड संसाधन स्रोत केन्द्र की विशेषताओं को विस्तारपूर्वक बताया गया। मास्टर ट्रेनर गजेंद्र नायक के द्वारा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दिव्यांगों हेतु संचालित महत्वकांक्षी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई साथ ही इन कार्यक्रमों को सफल बनाने हेतु किये जाने वाले सकारात्मक उपायों पर भी चर्चा की गई. अंत में मास्टर ट्रेनर वारिश कुमार द्वारा सुगम्य भारत अभियान और उसके लक्ष्यों पर गतिविधि आधारित चर्चा करते हुए सभी प्रशिक्षार्थियों से अपने अनुभव शेयर करने कहा गया, जिसमें सभी व्याख्यातागणों द्वारा बहुत ही अच्छे तरीके से अपना अनुभव शेयर करते हुए अपने शालाओं में वातावरण निर्माण के सफल संचालन की बात कही गई.
इस प्रकार जेआर डहरिया बीईओ, विनोद शुक्ला, बद्रीविशाल जोल्हे एबीईओ एवं बीआरसी ललित कुमार देवता के मार्गदर्शन से विकासखंड स्तरीय 1 दिवसीय वातावरण निर्माण कार्यशाला सह प्रशिक्षण का समापन हुआ।