कई पीढ़ियों से हो रहा है इसी दलदल मार्ग में आवागमन
सराईपाली .जहां देश के भविष्य कहे जाने वाले
विधार्थी दलदल रास्ते से गिरते हुए ग्राम पंचायत कालिदरहा से कोटद्वारी विधालय तक
पहुचते है बताया
जा रहा है इस मार्ग के लिए कोई भी सासन प्रसासन ध्यान नही ले रहा है अभी तक उक्त
पहुंच मार्ग के लिए पँचायत भी सामने नही आया है रोजगार
गारन्टी के तहत इस कच्ची मार्ग का निर्माण करवाया गया था बरसात आते ही मार्ग दलदल
का रूप ले चुका है रोजगार गारंटी के कच्ची मार्गो में ना तो रोलर चलाया जाता है ना
तो अच्छे से मजबूत किया जाता है बस लोगों को रोजगार मिले इस उद्देश्य के साथ महज़
खाना पूर्ती किया जाता हैं
विधार्थियो
को ज्यादा परेशानियो का सामना करना पड़ता है बच्चो का कई बार कपडे भी गंदे हो जाते
है सायकल तो है लेकिन ऐसे मार्ग में सायकल भी कैसे चलाया जा सकता है जिसमे फिसल कर
आप निश्चित ही गिरेंगे. ग्रामीणों
ने बताया कि कालीदरहा से 2 किलोमीटर
दूर दलदल मार्ग से कोटद्वारी बलौदा स्कूलो और महाविद्यालय जा रहे.
मिली
जानकारी के अनुसार कालीदरहा से कोटद्वारी पहुँच मार्ग से 40 विधार्थी शासकीय
स्कूल शिशु मंदिर और कॉलेज जाने के लिए विधार्थी रोजना सुबह शाम इस दलदल मार्ग का
उपयोग करते है सरकारी स्कूल कोटद्वारी जाते है इस मार्ग के मध्य एक नाला भी है
जिसमे पुल नही बना है और गाँव से ये रास्ता नाला होते हुए मुख्य मार्ग में निकलता
है ग्रामीण लोगो का बलोदा आने जाने का आवागमन
का एक रास्ता है.
बताया
जा रहा है लगभग 20 बच्चे
पानी गिरने पर विधालय नही जाते है क्योंकि पानी के कारण मार्ग दलदल में तब्दील हो
जाता है और स्कूल वाहन गांव अंदर नही जाता है इसके लिए भी कई दिनों तक शिक्षा से
बच्चों को वंचित रहना पड़ता है.