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बंद हो सकती है सरायपाली से रायपुर के लिए मिली एसी बस की सुविधा

लोक निर्माण और परिवहन मंत्री राजेश मूणत ने 16 जुलाई 2018 को हरी झंडी दिखाकर राजधानी रायपुर से पांच ए.सी. बसों को कांकेर, राजनांदगांव, कवर्धा, सरायपाली और बिलासपुर के लिए रवाना किया था. जिसके बाद और 19 ऐसे मार्ग थे जहाँ इस बसों का संचालन किया जाना था. मगर सरकार की यह योजना अब खटाई में जाती नजर आ रही है.

मिली जानकारी के अनुसार जिन पांच बसों को हरी झंडी दिखाकर परिवहन मंत्री राजेश मूणत ने रवाना किया था उनमे से अब सिर्फ एक बस जो कि सरायपाली से रायपुर को चलती है बस वही बची रह गयी है और शायद वह भी जल्द बदं हो सकती है.

क्योंकि सालभर तक दिए गए रुट में 50 प्रतिशत टैक्स की छुट दी गई थी. और छुट के लिए जारी पत्र में सरायपाली का नाम नहीं है जिसका खामियाजा सरायपाली से रायपुर को चलने वाली बस रॉयल ट्रेवल्स को उठाना पड़ रहा है. साथ की स्टापेज नहीं होने और यात्रियों के अनुरूप समय पर नहीं चलने के कारण इसमें यात्रियों की संख्या भी कम रहती है. ऐसे हालत में इस रूट में भी बस के बंद होने की संभावना बन सकती है.


आपको बता दें कि रायपुर से राजनांदगांव तक चलने वाली बस अगले दिन ही बंद हो गई थी जबकि रायपुर से कांकेर तक चलने वाली बस मात्र 10 दिन तक ही चल पाई. इसके अलावा रायपुर से कवर्धा और रायपुर से बिलासपुर की बस का हाल ऐसा है कि जब सावरी मिलती है तभी यह बस चलती है.


बिना किसी योजना के चुनावी समय में यह बस चलाई तो गई मगर महीने भर के भीतर ही टप्प हो गयी. आनन फानन में यह योजना शुरू करने से पहले सरकार शायद यात्रियों से राय लेना भूल गई.

ज्ञात हो कि सरायपाली से रायपुर को चलने वाली बस का यात्रियों ने बसना और पिथौरा में स्टापेज के लिए मांग की थी संसदीय सचिव एवं विधायक रूपकुमारी चौधरी ने इसके लिए परिवहन मंत्री राजेश मूणत को पत्र भी लिखा था. मगर अब तक यह मांग भी पूरी नहीं हो पाई जबकि रायपुर से बसना आने वाले यात्रियों की संख्या सरायपाली आने वाले यात्रियों से अधिक होती है.


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