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महामाया एयरपोर्ट के रनवे को देखकर मुख्यमंत्री ने जताई खुशी, कहा – एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से यहां पर्यटन को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा

अंबिकापुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अंबिकापुर के महामाया एयरपोर्ट पहुंचे। यहां उन्होंने रनवे देखा और गुणवत्तायुक्त कार्य तय समय पर पूरा होने अधिकारियों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि सरगुजा में महामाया एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए लंबे समय से चर्चा प्रदेश स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही थी। मैं हमेशा स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव से तथा खाद्य मंत्री अमरजीत भगत से इस संबंध में चर्चा करता था। साथ ही हम लगातार दिल्ली में विमानन मंत्रालय से भी संपर्क में थे। आज यह एयरपोर्ट बड़े विमानों को उतारने के लिए भी तैयार हो गया है।

सीएम ने कहा कि 48 करोड़ रुपये की लागत से बनी अट्ठारह सौ मीटर एयर स्ट्रिप से यह संभव हो गया है। यह पूरा क्षेत्र 374 एकड़ में है और भविष्य में अधिक संख्या में बड़े विमानों के उतारने के लिए हमने एयरपोर्ट के अधिक विकास के लिए भी कार्य योजना बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 दिनों बाद डीजीसीए की टीम यहां निरीक्षण के लिए आने वाली है। इसके तुरंत बाद हम लाइसेंस के लिए आवेदन लगा देंगे। लाइसेंस के आवेदन लगाने के बाद सामान्यतः 25 दिनों में लाइसेंस जारी हो जाता है। हम अंबिकापुर से दिल्ली बनारस और रायपुर की फ्लाइट शुरू करने का सुझाव विमानन मंत्रालय को देंगे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सुझाव के स्वीकृत हो जाने से इस क्षेत्र में पर्यटन के विकास की बड़ी संभावनाएं बनेंगी। 3 दिन बनारस की फ्लाइट और 3 दिन दिल्ली की फ्लाइट आरंभ होने से सरगुजा की सुंदरता विमानन रूट के माध्यम से भी उपलब्ध हो जाएगी और लोग सहजता से सरगुजा पहुंच पाएंगे। सरगुजा की खूबसूरती विलक्षण है और अब विमानन सुविधा उपलब्ध होने से पूरे देश के पर्यटक यहां के जंगल और पहाड़ियां की प्राकृतिक सुंदरता निहार सकेंगे। वे मैनपाट देख सकेंगे और सरगुजा में रामगढ़ की पहाड़ियां देख सकेंगे। इसके साथ ही तातापानी के गर्म जल के स्रोत भी देख सकेंगे। इस तरह से सरगुजा पर्यटन नक्शे में तेजी से प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा एयरपोर्ट देश के सबसे पुराने एयरपोर्ट में से एक है। आजादी के बाद 1950 में यहां डब्ल्यूबीएम एयरपोर्ट बनाया गया था। 1974 में इंदिरा जी यहां आईं थीं। अब जब यह एयरपोर्ट विकसित हो गया है तो निजी विमान भी यहां उतर सकेंगे और बड़े विमानों की लैंडिंग से सरगुजा के पर्यटन का तेजी से विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर-नवंबर का समय सरगुजा को देखने के लिए सबसे अच्छा समय होता है विमानन सुविधा आरंभ होने से यहां पर बड़े पैमाने पर टूरिस्ट इस मौके पर पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां रामवन गमन पथ भी पर्यटक देख सकेंगे। सरगुजा का स्वर्ग जैसा दृश्य देख सकेंगे। पुराना अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब यहां विमान की लैंडिग होती थी तो गोता लगाने जैसा अनुभव होता था। अब शानदार एयर स्ट्रिप बन जाने से स्मूथ लैंडिंग हो रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट निर्माण में लगी 5 महिलाओं को साड़ी देकर सम्मानित किया।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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