अब कांग्रेस पार्टी दबाव में...BJP ने छत्तीसगढ़ में 14 महिलाओं... - CG Sandesh

अब कांग्रेस पार्टी दबाव में...BJP ने छत्तीसगढ़ में 14 महिलाओं को दी टिकट...जाने कौन-कौन है प्रत्याशी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ में अब तक 85 प्रत्याशियों की घोषणा की है। इनमें कुल 14 प्रत्याशी महिलाएं हैं। हाल ही में केंद्र की भाजपा सरकार ने संसद में महिला बिल पास कराया है और इसके ठीक बाद छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव में 16% महिलाओं को टिकट देकर कांग्रेस पार्टी को चुनौती दे दी है। लोगों को अब इंतजार कांग्रेस पार्टी की सूची का है।

 


छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान आज निर्वाचन आयोग ने कर दिया और आज ही भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी सूची जारी की है। पहली और दूसरी सूची की बात करें तो इनमें कुल 14 महिला प्रत्याशी हैं। इनमें सामरी विधानसभा से उधेश्वरी पैकरा, भरतपुर-सोनहत से रेणुका सिंह, जशपुर से रायमुनी भगत, पत्थलगांव से गोमती साय, लैलूंगा से सुनीति सत्यानंद राठिया, सारंगढ़ से शिवकुमारी चौहान, चंद्रपुर से बहू रानी संयोगिता सिंह जूदेव, धमतरी से रंजना डिपेंद्र साहू, कोंडागांव से लता उसेंडी, भटगांव से लक्ष्मी राजवाड़े, प्रतापपुर से शकुंतला पोर्थे, सरायपाली से सरला कोसरिया, खल्लारी से अलका चंद्राकर और खुज्जी से गीता घासी साहू का नाम शामिल है। महिला प्रत्याशियों में गोमती साय और रेणुका सिंह तो वर्तमान में सांसद हैं। वहीं लता उसेंडी भाजपा के शासनकाल में मंत्री रही हैं।

भाजपा ने पर्याप्त संख्या में महिलाओं को टिकट देकर भी दांव खेल दिया है। स्वाभाविक है कि भाजपा की इस सूची ने कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेताओं को चिंता में डाल दिया है। अब बारी कांग्रेस की है, कि महिलाओं की हितैषी होने का दावा करने वाली कांग्रेस पार्टी इस बार कितनी महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारती है। उम्मीद की जा रही है कि एक-दो दिनों में कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर देगी, मगर संभव ये भी है कि पार्टी अब तक भाजपा द्वारा घोषित कुल 85 प्रत्याशियों के मुकाबले में जीतने लायक प्रत्याशी उतारने के लिए नए सिरे से समीक्षा करे, और इस वजह से प्रत्याशियों की घोषणा में कुछ वक्त लग सकता है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें