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चुनाव में 20 प्रतिशत बढ़ा खर्च, आयोग ने रेट लिस्‍ट पर लगाई मुहर

अब नेताओं की चुनावी थाली महंगी हो जाएगी

रायपुर। रायपुर उप निर्वाचन अधिकारी गजेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा, सभी प्रत्याशियों से चर्चा कर खर्च की दरें तैयार कर राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा गया था। जिस पर अंतिम मुहर राज्य कार्यालय द्वारा लगा दी गई है। लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

छत्‍तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के मैदान में उतर रहे प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले खर्च का 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है।अब नेताओं की चुनावी थाली महंगी हो जाएगी। पिछले चुनाव के मुकाबले स्पेशल थाली के दाम 100 रुपये से बढ़ाकर 160 रुपये कर दिए गए हैं।

वहीं, सामान्य थाली के दाम में 25 रुपये का इजाफा किया गया है। जिला निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार कर भेजी गई दरों की सूची पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मुहर लगा दी गई है। इसी तरह हाफ काफी का रेट पिछले चुनाव की तुलना में दोगुना करते हुए 10 से बढ़ाकर 20 रुपये कर दिया गया है। वहीं, समोसे की दर आठ से बढ़ाकर 10 रुपये, पोहा पांच रुपये और पूड़ी सब्जी की कीमत 10 रुपये बढ़ाई गई है।

इसके साथ ही पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक, वाल पेंटिंग सहित सभी चीजों में भी बढ़ोतरी की गई है। इस तरीके से लगभग लगभग 130 आइटम के दाम तय कर दिए हैं। इसे लेकर नईदुनिया द्वारा 25 अगस्त को ही 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को लेकर खबर का प्रकाशन किया था। अंतत: उसी सूची पर चुनाव आयोग द्वारा मुहर लगा दी गई है।

चुनाव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बड़े-बड़े राजनीतिक हस्तियों की सभाएं होती हैं। इसके लिए हेलीपैड भी तैयार किए जाते हैं। ऐसे में इस बार हेलीपैड का खर्च 10 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये तक किया गया है। पंडाल, मंच, झंडे, टेबल, पंखा, कूलर परदा, कपड़ा बैनर सहित अन्य सामग्रियों के रेट में भी बढ़ोतरी की गई है।


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पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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