ग्रामीणों में भारी आक्रोश : मंदिरों से अचानक गायब हुए शिवलिं... - CG Sandesh

ग्रामीणों में भारी आक्रोश : मंदिरों से अचानक गायब हुए शिवलिंग...जानें पूरा मामला

कवर्धा : एक बार फिर लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया जिसके बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोस है। वहीं ऐहतिहात के तौर पर बड़ी संख्या में गांव में पुलिस बल की तैनाती किया गया है। दरअसल पांडातराई थाना के मोहगांव में तीन मंदिरों से रातों रात शिवलिंग की

 चोरी होने की सनसनीखेज खबर सुनते ही ग्रामीण क्रोधित हो गए जिसके बाद ASP सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल गांव पहुंचा और शिवलिंग की खोजबीन शुरू की गई तो गांव के ही फोंक नदी से दो शिवलिंग बरामद कर पुनः मंदिर में यथावत स्थापित किया गया है। वहीं तीसरे शिवलिंग की तलाश अभी भी जारी है।

ग्रामीणों ने मांग किया है कि शिवजी को खंडित करने वालों पर कड़ी कारवाई होना चाहिए। साथ ही गांव में पुलिस की भारी बल की तैनाती मौजूद है। डीएसपी पंडरिया पंकज पटेल ने कहा है कि पुलिस टीम नदी में अभी तक रेस्क्यू कर रही है

और 3 संदेहियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ जारी है। बता दें कि कवर्धा में संप्रदायिक माहौल बिगड़ने में देरी नहीं लगती जिसे देखते हुए प्रशासन शख्त है और किसी भी प्रकार के उपद्रव को रोकने के लिए पुलिस दल तैनात किया गय है।



आपको बता दें कि बीते अक्टूबर 2021 में भी कवर्धा जिले में झंडे लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और समझौता करा दिया। तीन अक्टूबर को अपरान्ह करीब 11 बजे दोनों पक्षों ने एक दूसरे के झंडे को निकाल दिया।

इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हुआ, फिर भी पुलिस ने 12 बजे तक कोई कार्रवाई नहीं की। दोपहर दो बजे थाना में कुछ लोग पहुंच गए। इस दौरान विवाद और भी बढ़ गया। शाम करीब 6 बजे धरना दिया गया। मौके पर आईजी पहुंचे, लेकिन वे शांत नहीं करा सके।

देर शाम प्रशासन ने धारा 144 लागू किया, जिसके बाद बवाल कई दिनों तक जारी रहा। चार अक्टूबर को कवर्धा बंद रहा। दोपहर एक बजे शांति समिति की बैठक हुई, जिसमें सभी समाज के लोगों ने शांति बनाने अपील की।


भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें