निगरानी दलों ने किए अब तक 6 करोड़ 57 लाख रूपए की नकदी और सामा... - CG Sandesh

निगरानी दलों ने किए अब तक 6 करोड़ 57 लाख रूपए की नकदी और सामान जब्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग द्वारा 9 अक्टूबर से आचार संहिता लागू की गई है। जिसके तहत आचार संहिता का कड़ाई से पालने के निर्देश सभी राजनीतिक पार्टियों एवं नागरिकों को दी गई है। प्रदेश में विभिन्न इन्फोर्समेंट एजेंसियों द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी निवार्चन हेतु मतदाता को प्रभावित करने के उद्देश्य से परिवहन की जा रही अवैध धन राशि या वस्तुओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

19 विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से धन और वस्तुओं के अवैध परिवहन तथा संग्रहण पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आदर्श आचार संहिता लागू होने से अब तक अवैध धनराशि तथा वस्तुओं की बरामदगी का आँकड़ा 6 करोड़ 57 लाख 3 हजार 62 रूपए हो गया है। इसमें एक करोड़ 46 लाख रूपए नकद राशि बरामद की गई है

 


मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रवर्तन एजेंसियों (इन्फोर्समेंट एजेंसी) द्वारा निगरानी के दौरान अब तक 13 हजार 574 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत 41 लाख 68 हजार रूपए है। साथ ही 1945 किलोग्राम अन्य नशीली वस्तुएं, जिसकी कीमत लगभग 70 लाख रुपए है भी बरामद किया गया है। सघन जाँच अभियान के तहत अधिकारियों ने अवैध रूप से अन्य सामग्रियों जिनकी कीमत 2 करोड़ 17 लाख रूपए जब्त की हैं। इसके अतिरिक्त एक करोड़ 82 लाख रूपए कीमत के लगभग 83 किलोग्राम कीमती आभूषण तथा रत्न भी तलाशी के दौरान जब्त किया गया है।

गौरतलब है कि 5 प्रमुख जिले जहां सबसे अधिक जब्ती की गई है, जिसमें क्रमशः बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, बस्तर तथा रायपुर शामिल है। विधानसभा निर्वाचन-2023 हेतु जब्तियों के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रवर्तन एजेंसियों के लिए इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ईएसएमएस) के रूप में वेब एवं मोबाइल एप लांच किया है। इस एप्प में लगभग 1600 से भी ज्यादा FST / SST को रजिस्टर कर एप्प डाउनलोड करवाया गया है एवं इस एप्प के माध्यम से तत्काल जब्तियों की रिपोर्टिंग भी की जा रही है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें