शांतिनिकेतन महाविद्यालय रायपुर में आर्ट ऑफ बोनसाई एवं कबाड़ ... - CG Sandesh

शांतिनिकेतन महाविद्यालय रायपुर में आर्ट ऑफ बोनसाई एवं कबाड़ से जुगाड़ पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

शांतिनिकेतन कॉलेज रायपुर में पर्यावरण संरक्षण एवं रीसाइकलिंग को ध्यान में रखते हुए सभी छात्र एवं छात्राओं के लिये 20 अक्टूबर को बोनसाई ट्रेनिंग ( वामन तनु वृक्ष) एवं बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शांतिनिकेतन कॉलेज के एमडी मुकेश गुप्ता, प्रिंसिपल सुशोभित तिवारी, कॉलेज प्रभारी बंसीलाल सर्ग एवं डॉ अनिरुद्ध तिवारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर अजय पटेल द्वारा एवं कार्यक्रम की जानकारी डॉक्टर अलका मिश्रा ने दी।

छत्तीसगढ़ बोनसाई समिति से आए बोनसाई एक्सपर्ट अनिल वर्मा ( वृक्ष मित्र के नाम से पुरस्कृत ) ने बताया कि बोनसाई के निर्माण हेतु वायरिंग एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग बोन्साई कला में मुख्य ट्रंक और शाखा संरचना को बनाने और परिष्कृत करने में मदद के लिए किया जाता है। वायरिंग तकनीकों की मदद से आप अपने बोन्साई को अधिक चरित्र और कलात्मक अपील दे सकते हैं। बोन्साई की सभी किस्में तार लगाने के लिए उपयुक्त नहीं हैं बोन के महत्व को बताते हुए बोनसाई की उपयोगिता एवं बोनसाई बनाने के लिए कैसे वृक्ष का चुनाव करें ,कैसे पोर्ट का चुनाव करें ,किस तरह की की मिट्टी का चुनाव करें एवं बोनसाई में किस तरह से आकृति को देने के लिए तार बांधने की प्रक्रिया करें ,किस तरह से उसको पॉट में अरेंज करना है आदि सभी बारीकियां को समझाते हुए बोनसाई का डेमोंसट्रेशन करके प्रैक्टिकल नॉलेज दी। 

इस कार्यशाला में वनस्पति विज्ञान, माइक्रोबायोलॉजी,सी एस एणड आईटी, एवं कॉमर्स के लगभग 60 सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। सभी प्रोफेसर एवं वरिष्ठ नागरिक नागरिक सभी छात्र एवं छात्राऐं एवमं सम्स्त स्टाफ गण नए कार्यशाला का लाभ उठाया। 'बोन्साई कला' पर एक दिवसीय कार्यशाला के लिए उत्सुकता के साथ साइन अप किया था।जबकि कई प्रतिभागी बोन्साई को केवल लघु पौधों के रूप में जानते थे, उन्होंने कहा कि कार्यशाला ने उन्हें उनकी खेती करने और उनके पहलुओं के बारे में जानने की दुनिया में प्रवेश कराया।। इसके साथ ही कबाड़ से जुगाड़ स

इसी मानसिकता के तहत पर्यावरण संरक्षण एवं रीसाइकलिंग को ध्यान में रखते हुए शांतिनिकेतन कॉलेज के सभी छात्र एवं छात्राओं के लिये दिनांक 20 अक्टूबर 2023 शुक्रवार को कबाड़ से जुगाड़ कार्यशाला का आयोजन किया गया है। सभी छात्र एवं छात्राऐं अपनी क्रिएटिविटी के अनुसार बेकार चीजों से पॉर्टेंस(गमलें) को तैयार करें बच्चों ने वेस्ट मटेरियल से प्लांट पोट तैयार किया जिसमें प्लास्टिक बॉटल डिब्बे थर्मोकोल आदि से प्लांट पोट बनाकर उसमें प्लांट लगाकर कबाड़ से जुगाड़ थीम पर एग्जीबिशन लगे कार्यशाला में सभी पार्टिसिपेंट को सर्टिफिकेट दिया गया। कार्यक्रम में प्रो उपमा सोनवानी प्रो दीक्षा ठाकुर प्रो शिखा शर्मा प्रो सुरभि शर्मा प्रो संजू साहू , प्रो अजय पटेल,प्रो योगेश कुमार साहू , प्रो. प्रदीप घोष , कार्यालय प्रभारी नंदिनी शर्मा एवं पूजा साहू आदि उपस्थित थे।

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