राशि त्रिभुवन महिलांग ने नामांकन खरीदकर ताल ठोक दी - CG Sandesh

राशि त्रिभुवन महिलांग ने नामांकन खरीदकर ताल ठोक दी

सीएम भूपेश ने बातचीत के लिए बुलाया

रायपुर। महासमुंद की नगर पालिका अध्यक्ष राशि त्रिभुवन महिलांग ने कांग्रेस से चुनाव लड़ने की दावेदारी की थी,टिकट नहीं मिलने पर जोगी कांग्रेस से नामांकन खरीदा है।

भाजपा और कांग्रेस में दावेदारों और रनिंग विधायकों के टिकट कटने के बाद चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार नए घर की तलाश में है। क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों ने भी अपने दरवाजे आगंतुकों के लिए खोल दिए है।

बहरहाल यह देखना होगा कि राशि का यह फैसला कांग्रेस और भाजपा को कौन से मोड़ में लाकर खड़ा करता है। 2018 के विधानसभा चुनाव में त्रिभुवन महिलांग ने भी जनता कांग्रेस छतीसगढ़ जे. से चुनाव लड़ा था। इस बार उनकी पत्नी राशि त्रिभुवन महिलांग ने इसी पार्टी से नामांकन खरीदकर ताल ठोक दी है।

नामांकन पत्र खरीदने के बाद राशि त्रिभुवन महिलांग ने बगावती तेवर दिखाते हुए कहा कि मेरे समर्थक घर आकर चुनाव लड़ने पर जोर दे रहे है मैं अपने समर्थकों का सम्मान करते हुए नामांकन पत्र खरीदा हूं। खबर है कि डैमेज कंट्रोल करने के लिए बड़े -बड़े कांग्नेस के नेता जुटे हुए है।

 


वहीं आज शाम को सीएम भूपेश बघेल ने राशि महिलांग को सुलह के लिए बुलाया है। यदि बात बन गई तो मुकाबला टक्कर का होगा और बात नहीं बनी तो महासमुंद में त्रिकोणीय मुकाबला होने के राजनीतिक पंडित भविष्यवाणी कर रहे है।

महासमुंद कांग्रेस से टिकट के दावेदारी करने वाली कांग्रेस की नगर पालिका अध्यक्ष, राशि त्रिभुवन महिलांग ने अपना नामांकन खरीदा है। उन्होंने अपना नामांकन कांग्रेस या निर्दलीय पार्टी से नहीं, बल्कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे. की पार्टी से खरीदा है।

राशि त्रिभुवन महिलांग के नामांकन खरीदने के बाद अब कांग्रेस में बगावत के सुर उठते दिखाई पड़ रहे हैं। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज राशि महिलांग ने शायद अब अपनी बारी खेलने के लिए दूसरी पार्टी के टीम से उतरने की ठान लिया है। हालाकिं अभी तक यह बात पार्टियों की ओर से खुलकर सामने नहीं आई है।

आखिर वह कांग्रेस छोड़कर दूसरी टीम से बल्लेबाजी करेंगी या फिर कांग्रेस के आला नेता उन्हें मना पाएंगे और वह कांग्रेस से ही टीम में फील्डिंग प्लेयर रहेंगी। लेकिन यह बात तो स्पष्ट है कि यदि फील्डिंग ही करना होता तो शायद नाराजगी में भी नामांकन फार्म निर्दलीय खरीदा जाता। जनता कांग्रेस छतीसगढ़ जे. से नामांकन लेना कुछ अलग ही कहानी गढ़ रही है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें