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आचार संहिता लगने के बाद छत्तीसगढ़ में अब तक 8 करोड़ नकद और 25 हजार लीटर अवैध शराब जब्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनवा की तारीखों के ऐलान के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी । तभी से राज्य निर्वाचन आयोग का निगरानी दल लगातार कार्रवाई कर रहा है. 25 अक्टूबर तक राज्य निर्वाचन दलों ने कार्रवाई करते हुए 32 करोड़ 75 लाख रूपए की अवैध धन राशि और कीमती वस्तुएं जब्त की हैं, जिसमें 8 करोड़ 54 लाख रूपए की नगद राशि भी शामिल है ।

14 करोड़ से अधिक कीमत के आभूषण और रत्न जब्त

छत्तीसगढ़ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रवर्तन एजेंसियों (इन्फोर्समेंट एजेंसीज) द्वारा निगरानी के दौरान 25 अक्टूबर तक 25 हजार 101 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत 76 लाख रूपए है. साथ ही 2946 किलोग्राम अन्य नशीली वस्तुएं जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ 47 लाख रुपए जब्त की गई है. सघन जांच अभियान के दौरान 14 करोड़ 46 लाख रुपए की कीमत के 181 किलोग्राम से अधिक कीमती आभूषण और रत्न भी तलाशी के दौरान जब्त किए गए हैं. इसके अतिरिक्त अन्य सामग्रियां जिनकी कीमत 6 करोड़ 50 लाख रुपए है, वो भी जब्त की गई हैं ।

 


10,854 हथियार किए गए जमा, 28 रद्द
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले ने विधानसभा निर्वाचन 2023 में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किए जाने के संबंध में सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं. निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के परिपालन में 12,499 लाइसेंसी हथियारों में 10854 हथियार जमा किए गए हैं और 3 जब्त किए गए हैं । इसके अलावा 28 हथियार कैंसल किए गए हैं।

81 लोगों को किया गया तड़ीपार
आर्म्स एक्ट के अंतर्गत 1354 प्रकरण बनाए गए हैं और इसके अंतर्गत 1411 हथियार जब्त किए गए हैं. 81 लोगों को जिलाबदर किया गया है. एमवी एक्ट के अंतर्गत 4 लाख 74 हजार 84 प्रकरणों में 20 करोड़ 71 लाख 7 हजार 384 रुपए की कार्रवाई की गई है. प्रतिबंधात्मक कार्रवाई अंतर्गत 1 लाख 49 हजार 478 प्रकरणों में 1 लाख 91 हजार 108 व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई है और 1 लाख 13 हजार 210 बाउंड ओवर किए गए हैं ।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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