रमन को राम कहने पर भड़की कांग्रेस, समाज की भावनाओं का अपमान - CG Sandesh

रमन को राम कहने पर भड़की कांग्रेस, समाज की भावनाओं का अपमान

बैकुंठपुर। नामांकन रैली और चुनावी सभा में डॉ रमन सिंह के सम्बोधन के पहले स्वागत भाषण देते हुए प्रत्याशी रेणुका सिंह ने पूर्व सीएम के लिए जमकर कसीदे पढ़े। उन्हें विकास पुरुष बताया, उन्हें छग का बेटा भी बताया। इसके साथ ही उन्होंने नारा लगाया कि “रमन नहीं राम है, गरीबों के भगवान है।” रेणुका सिंह आगे कहा की रमन सिंह गरीबों के मसीहा है।

जिले में आज भाजपा ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। यहां पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने भरतपुर-सोनहट की प्रत्याशी रेणुका सिंह समेत जिले के अलग-अलग विधानसभा के पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठायें। इससे पहले डॉ रमन उम्मीदवारों के नामांकन रैली में शामिल हुए जिसके बाद जनसभा का आयोजन हुआ।

इस दौरान प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए बीजेपी के नेताओं ने कहा कि गोठान का हाल बेहाल है 13 सौ करोड़ का घोटाला गोठान में हुआ है। बीजेपी नेताओं ने छत्तीसगढ़ सरकार पर जमकर निशाना साधा। जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पिछले पांच सालों में बैकुन्ठपुर का कितना विकास हुआ है, यह आप सब देख रहे हैं।

बैकुन्ठपुर विधानसभा से भइयालाल राजवाड़े की जीत तय है। उन्होंने कहा कि बैकुन्ठपुर में ही चाउर वाले बाबा के नाम से सबसे पहले मुझे पुकारा गया था। उन्होंने कहा कि वर्षों बाद ऐसा जुलूस देखा है। ऐसा लगता है कि भइयालाल का विजय जुलूस निकला है।

कांग्रेस ने समाज का अपमान कहा

वही अब इस नारे के सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने रेणुका सिंह के इस बयान को लेकर कहा है कि यह नारा समाज के भावनाओं का सीधा अपमान है। उन्होंने डॉ रमन सिंह के कार्यकाल के कथित भ्रष्टाचारों और गड़बड़ियों पर चर्चा करते हुए भाजपा की पुरानी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। भाजपा सरकार में हुए घोटालों का बखान किया ।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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