चुनावी बॉन्ड की समीक्षा का सुप्रीम कोर्ट को अधिकार नहीं - CG Sandesh

चुनावी बॉन्ड की समीक्षा का सुप्रीम कोर्ट को अधिकार नहीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चुनावी बॉन्ड योजना को लेकर अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है, जिसमें कहा गया है कि इसकी समीक्षा शीर्ष अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। बता दें कि ईबीएस किसी भी मौजूदा अधिकार से वंचित नहीं है, यह क्लीन मनी का योगदान सुनिश्चित करता है।

वहीं भारत सरकार ने चुनावी बॉन्ड योजना को ‘अपारदर्शी और अलोकतांत्रिक’ बताते हुए चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली 5 जजों की बेंच के सामने लिखित दलीलें दी हैं। अटॉर्नी जनरल का कहना है, “राजनीतिक दलों के योगदान का लोकतांत्रिक महत्व है और यह राजनीतिक बहस के लिए एक उपयुक्त विषय है।”

 


मिली जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से कहा गया है, “प्रभाव से मुक्त शासन की जवाबदेही की मांग का मतलब यह नहीं है कि कोर्ट स्पष्ट संवैधानिक रूप से कानून के अभाव में ऐसे मामलों पर फैसला सुनाने के लिए आगे बढ़ेगा।”



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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