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राजधानी में मिल रही सस्ती प्याज का राज, कितना होगा 1 किलो का दाम जरूर जानें

रायपुर । एक ओर बढ़ती महंगाई ने लोगों की गृहस्थी का बजट बिगाड़ रखा है।

 तो दूसरी ओर टमाटर के बाद अब प्याज आंसू निकालने पर आमादा है।

जो लोग मांग और आपूर्ति का अर्थशास्त्र पढ़ा रहे हैं, उनको ये खबर एक बार जरूर पढ़ लेना चाहिए।

भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (NCCF) के

माध्यम से प्याज को शहरभर में गाड़ियों में लोड कराकर घूम – घूमकर तथा

अस्थाई दुकान लगाकर आम लोगों को सस्ते दाम पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

अब जरा ये असलियत भी जान लें

महंगाई से राहत दिलाने के लिए राजधानी रायपुर में हर रोज 25 रुपए किलो की दर से 20 टन प्याज खपाई जा रही है।

भारत सरकार ने इसके लिए नासिक में प्याज का स्टॉक किया हुआ है।

इस स्टॉक से देश के अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ के रायपुर के लिए हर रोज 30 टन प्याज भेजा जा रहा है।

भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ ( NCCF) के माध्यम से प्याज

को शहरभर में गाड़ियों में लोड कराकर घूम – घूमकर तथा

अस्थाई दुकान लगाकर आम लोगों को सस्ते दाम पर उपलब्ध कराया जा रहा है


 दुकान में लगी थी लोगों की भीड़

हमारी टीम कम दाम पर प्याज से लोगों को महंगाई से कितनी राहत मिल पा रही,

इसका पता लगाने जब बैरनबाजार स्थित एनसीसीएफ के एक अस्थाई दुकान पहुंची,

तो देखा कि वहां प्याज लेने लोगों की भारी भीड़ लगी हुई थी।

इस दुकान में देखते ही देखते आधे घंटे के भीतर एक क्विंटल प्याज बिक गया,

जबकि दुकान में 17 क्विंटल से अधिक प्याज का स्टॉक भरा हुआ था।

इस दुकान के प्रभारी योगेश सोलंकी ने बताया कि,

यहां तब तक प्याज बेचा जाएगा, जब तक स्टॉक खत्म नहीं हो जाता।

इन इलाकों में बेची जा रही प्याज

बैरन बाजार, न्यू राजेंद्र नगर, संतोषी नगर, पुरानी बस्ती, शंकरनगर,

मोवा-पंडरी, डंगनिया, तेलीबांधा, बूढ़ापारा, सिविल लाइन, भाठागांव,

चंगोराभाठा, गुढ़ियारी, सहू सहित अन्य इलाके शामिल हैं।

राजधानी में सस्ती बिकने वाली प्याज का राज

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीनस्थ काम करने वाला एनसीसीएफ

राजधानी में तीन दिन से गाड़ियों के माध्यम से प्याज आम लोगों को कम दर पर

उपलब्ध करा रहा था, लेकिन अब अस्थाई दुकान भी लगाना शुरू कर दिया है।

एनसीसीएफ से मिली जानकारी के अनुसार एक गाड़ी में लगभग 14 क्विंटल प्याज

भरकर रवाना किया जा रहा है। वहीं अस्थाई दुकान में भी 15 से 20 क्विंटल प्याज

आम लोगों को बिक्री करने के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।

बैरनबाजार दुकान में 17.30 क्विंटल प्याज उपलब्ध कराया गया है

 मुस्कान के चेहरे पर खिली मुस्कान

गुढ़ियारी निवासी मुस्कान विजवानी ने बताया कि, वह अपने बच्चे को

स्कूल से घर ले जाने के लिए आई थी। यहां सस्ते में प्याज मिलते देखा,

तो नाम और मोबाइल नंबर बताकर 50 रुपए में दो किलो प्याज ले लिए।

उन्होंने बताया कि, दो किलो प्याज को एक सप्ताह तक चला लेंगी।

इससे महंगाई से थोड़ी राहत तो मिलेगी।

मोबाइल नंबर बता कर खरीदी सस्ती प्याज

संतोषीनगर निवासी नेहा खान ने बताया कि, वह भी स्कूल से अपने बच्चे को लेने पहुंची है।

सस्ता प्याज देखकर उसने भी दो किलो ले लिए, जिससे महंगाई से थोड़ी राहत मिलेगी।

 सस्ती प्याज के लिए ये चीजें जरूरी

एनसीसीएफ ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अस्थाई योजना का लाभ मिले,

इसके लिए प्रति व्यक्ति सिर्फ दो किलो प्याज बेचा जा रहा है।

इसके लिए व्यक्ति का नाम और उसका मोबाइल नंबर मांगकर

उसकी रजिस्टर में एंट्री भी की जा रही है। हालांकि नाम और मोबाइल नंबर

को जांचे बिना उन्हें प्याज बेचा जा रहा है, जिसका फायदा कई लोग उठा रहे हैं

और एक से अधिक बार प्याज की खरीदी कर रहे हैं।

प्रतिदिन 20 टन की बिक्री

एनसीसीएफ के सदस्यों के अनुसार शहरभर में प्रतिदिन लगभग

20 टन प्याज कम दर पर लोगों को बेचा जा रहा है।

एनसीसीएफ सदस्यों ने बताया कि शहर में तब तक कम

दर पर प्याज बेचा जाएगा, जब तक चिल्हर बाजार में प्याज की

कीमत 50 रुपए से कम नहीं हो जाती। ज्ञात हो कि चिल्हर बाजार

में प्याज 65-70 रुपए किलो की दर से बिक रही है। तो अंदरूनी

इलाकों में यही प्याज 75 से 80 रूपए की दर से बिक रही है।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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