भाजपा ने भूपेश बघेल का मांगा इस्तीफा : महादेव एप के सूत्रधार... - CG Sandesh

भाजपा ने भूपेश बघेल का मांगा इस्तीफा : महादेव एप के सूत्रधार ने CM सहित अन्य लोगों से तार जुड़े होने के लगाए हैं आरोप, कांग्रेस ने बताया मनगढ़ंत

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय मीडिया संयोजक एवं प्रयागराज विधायक सिध्दार्थनाथ सिंह ने आज भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में महादेव एप के सूत्रधार शुभम सोनी के सनसनी खेज खुलासे का ऑडियो विजुअल दिखाया। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर हमला बोलते कहा कि जब मेड़ ही खेत खाने लगे तो बेचारा खेत (जनता) क्या कर सकता है।

क्या है इस वीडियो में..?

सिध्दार्थनाथ सिंह ने कहा कि दुबई में बैठा आरोपी स्वयं वीडियो भेजकर महादेव एप की सारी कथा सुनाते हुए बता रहा है कि महादेव एप के तार कहां-कहां और किस-किस तक जुड़े हुए है। उसने स्पष्ट तौर पर CM के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, CM के बेटे बिट्टू, एक पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल और स्वयं मुख्यमंत्री को इस सिंडिकेट में शामिल बताया है।

“कुर्सी पर बैठने का अधिकार नहीं”

भाजपा ने कहा है कि अब हमारा स्पष्ट कहना है कि भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री के पद पर तीस दिन तो क्या एक मिनट भी बैठने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भूपेश बघेल फौरन मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देकर जनता के बीच जाएं और बताएं कि यह जो शुरुआती 5000 करोड़ का महादेव एप घोटाला है जिसके जरिये छत्तीसगढ़ की जनता को लूटा गया है और इतना ही नहीं शुभम को दुबई भेजकर सट्टे का कारोबार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। यह स्पष्ट हो चुका है कि सत्ता के संरक्षण में महादेव एप ने जन्म लिया और फला-फूला है।

अनकट वीडियो भेजा है शुभम ने

भाजपा केन्द्रीय मीडिया संयोजक सिध्दार्थनाथ सिंह ने कहा कि शुभम सोनी है वह व्यक्ति है जिसको ईडी ने समन भी किया था। वह आया नहीं था, मगर उसने एक अपना वीडियो भेजा है, यह अनकट है। इसलिए मीडिया के इसे पेश कर रहे है। उन्होंने कहा कि महादेव एप का वन ऑफ़ द ओनर जो कह रहा है उससे कुछ चीज साफ होती है। शुभम सोनी सिंडिकेट ऑपरेट कर रहा था। इस सिंडिकेट का पॉलिटिकल माध्यम क्या था, इस सिंडिकेट का या पॉइंट ऑफ कांटेक्ट क्या था उन्होंने बार-बार वर्मा का नाम लिया है जो कि आप सब जानते हैं। विनोद वर्मा की जब बात आती है तो मुख्यमंत्री परेशान क्यों होते हैं क्योंकि वहां भी संबंध है इसलिए दिल्ली भाग के भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लेते हैं।

उन्होंने कहा कि कवर्धा के एक एसपी है उनका नाम है अभिषेक। पुलिस वाले किस तरह से चैनल चलाते हैं। सौरभ चंद्राकर का भी नाम है। आरोपी खुद बता रहा है कि रुपए एठने की शुरुआत 10 लाख रुपए से हुई। उसे मुख्यमंत्री से मिलवाते है, वर्मा से मिलवाते हैं। चंद्राकर और रवि उप्पल से उसकी भेंट हो जाती है उसके साथ वह बिजनेस करता है उनको अपना एडवाइजर रख लेता है वह कौन लोग हैं।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें