महादेव ऐप के प्रमोटर सहित 32 के खिलाफ मामला दर्ज...जानें कैस... - CG Sandesh

महादेव ऐप के प्रमोटर सहित 32 के खिलाफ मामला दर्ज...जानें कैसे लगाया करोड़ों का चूना

अब मुंबई पुलिस ने दर्ज की FIR

रायपुर/मुंबई। महादेव एप सट्टा को लेकर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुंबई पुलिस ने बुधवार को महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर सहित 32 के खिलाफ मामला दर्ज किया। सूत्रों के मुताबिक, 2019 से अब तक ऑनलाइन सट्टेबाजी एप्लीकेशन के जरिए करीब 15,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है।

पुलिस ने चंद्राकर के अलावा रवि उप्पल और शुभम सोनी समेत कुल 32 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में आईपीसी की धारा 420, 465, 467, 468, 120 (बी) और आईटी एक्ट की धारा 66 (सी), 66 (एफ) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस ने इस मामले में आईटी की जो धारा 66 (एफ) लगाई है उसका मतलब है “साइबर आतंकवाद के लिए सजा”। यह धारा बहुत ही कम मामलों में लगाई जाती है और खासकर ऐसे मामलों में जिनमें भारत की अखंडता, एकता और सुरक्षा खतरे में हो।


सट्टेबाजी ऐप के कथित मालिक शुभम सोनी ने दुबई से एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने सनसनीखेज दावा किया कि उन्होंने सीएम और उनके सहयोगियों को 508 करोड़ रुपये दिए। चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ में छापेमारी के दौरान ईडी द्वारा लगभग 5 करोड़ रुपये नकद जब्त किए जाने के बाद महादेव ऐप सुर्खियों में आया।

जांच एजेंसी ने कुछ दिन पहले रायपुर और भिलाई से करीब 5 करोड़ रुपए जब्त किए थे। असत्यापित वीडियो में सोनी ने दावा किया कि वह महादेव ऐप का मालिक है। उन्होंने वीडियो संदेश में अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट दिखाते हुए दावा किया कि उन्होंने वर्ष 2021 में महादेव सट्टेबाजी ऐप शुरू किया था।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इससे पहले 5 नवंबर को, केंद्र ने प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध पर महादेव ऐप और रेड्डीअन्नाप्रिस्टोप्रो सहित 22 अवैध सट्टेबाजी प्लेटफार्मों के खिलाफ अवरुद्ध आदेश जारी किए थे।

22 अवैध सट्टेबाजी प्लेटफार्मों पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अवैध सट्टेबाजी ऐप सिंडिकेट के खिलाफ की गई जांच और उसके बाद छत्तीसगढ़ में महादेव बुक पर छापे के बाद हुई, जिसमें ऐप के गैरकानूनी संचालन का खुलासा हुआ।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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