दिवंगत शिक्षकों को मिलेगा मुआवजा...चुनाव आयोग ने दी स्वीकृत... - CG Sandesh

दिवंगत शिक्षकों को मिलेगा मुआवजा...चुनाव आयोग ने दी स्वीकृति, चुनाव ड्यूटी से लौटते वक्त हुए थे हादसे का शिकार

रायपुर. चुनाव ड्यूटी से लौटने के दौरान हादसे का शिकार हुए तीनों शिक्षकों को 15-15 लाख रूपया दिया जायेगा। चुनाव आयोग ने 15 लाख रुपये प्रति दिवंगत शिक्षकों को भुगतान करने का निर्देश दिया है। आपको बता दें कि आज तड़के तीन शिक्षक केशकाल में सड़क हादसे का शिकार हो गये थे, इस हादसे में तीन शिक्षकों की मौकें पर ही मौत हो गयी थी। छत्तीसगढ़ चुनाव आयोग की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्वाचन कार्य में नियोजित अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षाबलों आदि के निर्वाचन कर्तव्य के दौरान मृत्यु/घायल होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ राज्य प्रतिकर नियमानुसार अनुग्रह राशि की स्वीकृति की गई है।

 


विधानसभा निर्वाचन-2023 के अंतर्गत प्रथम चरण के निर्वाचन के दौरान जिला कांकेर में केन्द्रीय सुरक्षा बल के एक कर्मी की नक्सल हिंसा में मृत्यु होने के कारण 30 लाख रुपए की अनुग्रह प्रतिकर भुगतान राशि की स्वीकृति की जा रही हैं। दन्तेवाड़ा जिला में केन्द्रीय सुरक्षाबल के एक कर्मी की निर्वाचन कर्तव्य के दौरान मृत्यु होने के कारण 15 लाख रुपए की अनुग्रह प्रतिकर भुगतान राशि की स्वीकृति की जा रही है।

कोंडागांव जिले में केशकाल में तीन निर्वाचन कर्मियों की दुर्घटना में मृत्यु होने के कारण नियमानुसार 15 लाख रुपए प्रति कर्मी के मान से कुल 45 लाख रुपए की अनुग्रह प्रतिकर भुगतान राशि की स्वीकृति की जा रही है। इसके अतिरिक्त निर्वाचन कर्तव्य के दौरान नक्सली हिंसा में घायल विभिन्न कर्मियों को भी नियमानुसार अनुग्रह प्रतिकर भुगतान राशि की स्वीकृति की जा रही है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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