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अबूझमाड़ के आदिवासी बच्चे बने इंडियाज गॉट टैलेंट के फिनाले विजेता, ट्रॉफी के साथ मिले कई इनाम

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ का घोर नक्सलगढ़ ‘अबूझमाड़’ अब देश के लिए अबूझ नहीं रहा. क्षेत्र के बच्चों ने मुम्बई में आयोजित भारत के सबसे बड़ा टैलेंट शो ‘India Got Talent’ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए इस सीजन का खिताब हासिल किया. जीत के बाद बच्चे गुरुवार को अपने गृह जिला नारायणपुर पहुंचे, जहां हजारों की संख्या एकत्रित नगरवासियों ने इनका भव्य स्वागत किया गया.

 


छत्तीसगढ़ में नारायणपुर जिले का नाम अति नक्सल प्रभावित जिलों में माना जाता है, इस जिले का 4 हजार वर्ग किमी का इलाका आज भी पूरी दुनिया के लिए अबूझ है, और यही इलाका पूरे बस्तर में नक्सलियों के सबसे बड़े गढ़ के रूप में माना जाता है, इन इलाकों में सरकार की दखल न के बराबर है, इन इलाकों का रेवेन्यू सर्वे आज तक सरकारें नहीं कर पाई है, और यहाँ के बाशिन्दे अबूझमाड़िया आदिवासी कहलाते, जिन्हें पूरे देश में विशेष पिछड़ी जनजाति का दर्जा भी प्राप्त है, लेकिन इन अबूझमाड़िया बच्चों में प्रतिभा कूट-कूट कर भरी हुई हैं।

नारायणपुर जिले में स्थित मलखम एकेडमी में खेलो इंडिया के तहत बच्चों को मलखम सिखाया जाता है, जहां नारायणपुर 16वीं बटालियन के आरक्षक मनोज कुमार प्रसाद बच्चों को खेल की बारीकियां समझाते हैं. उन्होंने बताया कि वे अगस्त में मुम्बई में शो में गए हुए थे, वहां उनकी टीम ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जो देश के लोगों को पसंद आई और देश के सबसे बड़े रियाल्टी शो ‘India Got Talent’ में विजेता बने. मनोज ने बताया कि अब उन्हें ‘America Got Talent’ से भी बुलावा आया है. अब ये सभी खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन अमेरिका जा कर पूरी दुनिया मे दिखाएंगे।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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