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खेल की आड़ में किसकी जेब भर रहा स्टेट क्रिकेट संघ, उठ रहा सवाल

2000 में बेच रहे 750 वाली TICKET, फैंस ने जताई नाराजगी

रायपुर। क्रिकेट के दीवानों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है। ये उत्साह टिकट का रेट सुनते ही टांय-टांय फिस्स होता भी दिखाई दे रहा है। सवाल उठ रहा है कि आखिर खेल की आड़ में छग क्रिकेट संघ किसकी जेब भरने में लगा है।


राजधानी के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया (IND vs AUS) के बीच टी-20 सीरीज का चौथा मुकाबला खेला जाएगा। पहले टिकट के शुरुआती दाम CSCS ने 3500 रुपए तय किया था, लेकिन विरोध होने के बाद दाम कम करके 2000 कर दिया।

हालांकि, लोगों का कहना है कि 2000 भी बहुत ज्यादा है। क्योंकि सीरीज के बाकी मुकाबले जहां खेले जा रहे हैं। वहां टिकट की शुरुआती कीमत 750 रुपए है. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि, ऐसी कौन सी विशेष सुविधा CSCS दे रहा है, जिसके लिए बाकी स्टेडियमों की अपेक्षा लगभग ढाई गुना दाम वसूला जा रहा है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज खेली जा रही है. जिसका चौथा मुकाबला रायपुर में 1 दिसंबर को खेला जाएगा. जिसकी टिकट बुकिंग शुरू हो चुकी है. टिकट को लेकर फैंस में काफी उत्साह भी देखा गया, लेकिन दाम इतना हाईफाई रखा गया कि, रेट को लेकर काफी विवाद की स्थिति भी पैदा हो गई. जिसके बाद छत्तीसगढ़ क्रिकेट बोर्ड को रेट घटाना पड़ा. अब 2000 में फैंस को टिकट बेची जा रही है.

क्रिकेट बोर्ड ने 2000 क्यों रखा

जानकारी के अनुसार, विशाखापट्टनम में खेले गए मुकाबले की सबसे कम टिकट की प्राइज 750 रुपए थी। वहीं गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम में होने वाले मुकाबले की शुरुआती दाम भी 750 बताया जा रहा है. ऐसे में रायपुर में टिकट का शुरुआती दाम छत्तीसगढ़ क्रिकेट बोर्ड ने 2000 क्यों रखा है।

स्टेडियम पर करीब सवा तीन करोड़ का बिजली बिल बकाया है। भुगतान नहीं करने पर कंपनी ने 5 साल पहले ही कनेक्शन काट दिया था। हालांकि, PWD और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के आवेदन पर अस्थाई बिजली कनेक्शन दिया गया. इससे स्टेडियम के रूम, दर्शक दीर्घा और बॉक्स रोशन होते हैं, लेकिन फ्लड लाइट जलाने के लिए जनरेटर का इस्तेमाल करना होता है।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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