टिकट नहीं मिलने वाले विधायकों की सरकारी सुविधाएं बंद - CG Sandesh

टिकट नहीं मिलने वाले विधायकों की सरकारी सुविधाएं बंद

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए तीन दिसंबर को मतगणना होनी है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में दर्ज मतों की गणना के लिए औसतन 14 टेबल लगेंगी। मतदान केंद्रों की संख्या के आधार पर गणना चक्र तय होंगे। डाक मत पत्रों की गिनती के लिए अलग टेबल होगी। वहीं एक दिसंबर से 24 विधायकों को सरकारी सुविधाएं नहीं दी जाएंगी।टिकट नहीं मिलने वाले विधायकों के लिए सरकारी सुविधाएं बंद होंगी।

बताया जा रहा है कि चुनाव नहीं लड़ने वाले विधायकों को विधानसभा सचिवालय ने नो-ड्यूज कराने की सूचना दे दी है। इसमें बताया गया है कि एक दिसंबर से उन्हें सरकारी बंगला और आवास भत्ता की पात्रता नहीं होगी क्योंकि वह अब पूर्व विधायक हो चुके हैं। इस वजह से उन्हें 1 दिसंबर को आलीशान सरकारी बंगला खाली करना होगा। चुनाव नियमानुसार नई विधानसभा गठित होने से पहले पूर्व विधायकों को बंगला खाली करना पड़ता है।

मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के 22 विधायक और बीजेपी के 2 विधायकों को सुविधा नहीं मिलेंगी। वहीं नए विधानसभा के गठन से पहले आवास खाली करने होंगे। आपको बता दें कि इन 24 विधायकों को सरकारी सुविधाएं नहीं दी जाएंगी। जिनमें कांग्रेस से किस्मतलाल नंद, शकुंतला साहू, लक्ष्मी ध्रुव, प्रेमसाय टेकाम, ममता चंद्राकर, भुवनेश्वर बघेल, गुरुदयाल बंजारे, बृहस्पति सिंह, छन्नी साहू, रेखचंद्र जैन, चक्रधर सिदार, विनोद चंद्राकर, चिंतामणि महाराज, शिशुपाल शोरी, राजमन बेंजाम, अनिता शर्मा, अनूप नाग, देवती कर्मा, सत्यनारायण शर्मा, चंद्रदेव राय, मोहित केरकेट्टा, विनय जैसवाल और बीजेपी से डमरूधर पुजारी और रजनीश सिंह को सरकारी सुविधा नहीं दी जाएगी। इसके अलावा 4 विधायकों का आवास और 20 विधायकों का आवास भत्ता बंद हो जाएगा।

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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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