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बारनवापारा अभयारण्य से 45 बायसन को भेजा जाएगा कोरिया नेशनल पार्क

पिथौरा। पर्यावरण को संतुलित और सुरक्षित बनाए रखने में वनों में मौजूद वन्य प्राणियों की भूमिका अहम माना जाता है। ऐसे में वन्य प्राणियों को संरिक्षत रखना भी बेहद जरूरी है। सरकार द्वारा वन्य प्राणियों को संरक्षण देने के लिए वन विभाग को समय-समय कई तरह के निर्देश दिए जाते हैं जिसके परिपालन में वन विभाग द्वारा वन्य प्राणियों को एक अभ्यारण्य से दूसरे अभ्यारण्य में शिफ्ट किया जाता है।

 


इसी प्रक्रिया के तहत बलौदाबाजार स्थित बारनवापारा अभयारण्य से बायसन को कोरिया स्थित गुरु घासीदास नेशनल पार्क में शिफ्ट करने की तैयारी में वन विभाग जुटा है। बारनवापारा अभयारण्य से 40 से 45 बायसन कोबायसन को रेसक्यू कर कोरिया के नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा। इस काम को अंजाम देने के लिए अंबिकापुर से 2 कुमकी हाथियों को बारनवापारा अभयारण्य लाया गया है। अभी दोनों कुमकी हाथियों को जंगल में घुमाकर क्षेत्र से अवगत कराया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत दिल्ली और कानन पेंडारी, बिलासपुर से काले हिरणों को बारनवापारा अभयारण्य में शिफ्ट किया गया था।अब बारनवापारा अभयारण्य से बायसन को कोरिया स्थित गुरू घासीदास नेशनल पार्क मे छोड़ने की तैयारी चल रही है।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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