90 सीटों में AAP ने उतारे 57 उम्मीदवार, एक ने भी नही हासिल क... - CG Sandesh

90 सीटों में AAP ने उतारे 57 उम्मीदवार, एक ने भी नही हासिल की जीत, मिले केवल 0.9% वोट

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों हिन्दी भाषी राज्यों में जीत हासिल की है। मध्य प्रदेश में उसने सत्ता वापस हासिल करने में सफलता पाई है तो वहीं राजस्थान और छतीसगढ़ से उसने कांग्रेस को बाहर का रास्ता दिखा दिया। हालांकि तेलंगाना में कांग्रेस जीत हासिल करने में सफल रही। लेकिन इन चुनावों में हिस्सा लेने वाली आम आदमी पार्टी की हालत अब भी बेहद खराब है।

 


आम आदमी पार्टी ने मध्य प्रदेश, छतीसगढ़ और राजस्थान में अपने कुल 215 उम्मीदवार उतारे थे। राजस्थान और मध्य प्रदेश में पार्टी मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने खुद जम कर प्रचार किया था। लेकिन खुद को कट्टर ईमानदार कहने वाली AAP कहीं नहीं दिख रही है।


बात करें अगर 90 विधानसभा वाले छत्तीसगढ़ की तो AAP ने 57 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन यहाँ इनका एक भी उम्मीदवार जीत हासिल करने में कामयाब नही हो सका। कई उम्मीदवारों की यहां जमानत तक जब्त हो गई। छतीसगढ़ में AAP को लगभग 0.9 percent वोट ही मिले हैं। वही बात करे बीजेपी की तो उसे इस चुनाव में कुल 46.27% वोट मिले वही कांग्रेस की तो उन्हें 42.23% वोट मिले है।

इसी तरह राजस्थान में आम आदमी पार्टी ने 88 सीट पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे जिनमें से एक भी जीत हासिल नहीं कर सका है। राजस्थान में पार्टी का वोट प्रतिशत छत्तीसगढ़ से भी बुरा रहा। वहा उन्हें केवल 0.3 % वोट मिले। यहां उनके अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। कई जगह AAP के उम्मीदवारों से अधिक वोट NOTA (इनमें से कोई नहीं) के विकल्प को मिले हैं।

कमोबेश ऐसी ही हालत AAP की मध्य प्रदेश में भी है। यहाँ AAP ने 70 उम्मीदवार उतारे थे। मध्य प्रदेश में सिंगरौली और दमोह सीट पर इसके उम्मीदवारों की बड़ी चर्चा हुई थी। सिंगरौली में AAP की प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान मेयर रानी अग्रवाल जबकि दमोह से चर्चित टीवी एक्ट्रेस चाहत पांडे को टिकट मिला था। चाहत पांडे के कई वीडियो भी वायरल हुए थे।

इतने खराब प्रदर्शन के बाद AAP या फिर केजरीवाल की तरफ से इन चुनाव नतीजों और उनकी पार्टी के प्रदर्शन पर अभी तक कोई ट्वीट या आधिकारिक बयान नहीं आया है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें