94 निलंबित कर्मचारियों में से 93 बहाल, 1 की बहाली रोक गरियाब... - CG Sandesh

94 निलंबित कर्मचारियों में से 93 बहाल, 1 की बहाली रोक गरियाबंद सीएमएचओ डॉक्टर के सी उरांव द्वारा शासन आदेश का खुला उल्लंघन

स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने दिया 7 दिनों का अल्टिमेटम

स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने दिया 7 दिनों का अल्टिमेटम

मामला गरियाबंद जिले का है जहां हेल्थ फेडरेशन के आह्वान पर जिले के लगभग 230 कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर अपने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी रायपुर में थे । शासन के आदेश पर एस्मा के तहत कर्मचारियों के ऊपर कार्यवाही किया गया ,जिसमें 94 कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। 

तत्कालीन मुख्यमंत्री से फेडरेशन के पदाधिकारीयो की चर्चा एवं आश्वासन पर हड़ताल स्थगित किया गया, जिसमें समस्त निलंबित और बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली के लिए शासन द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है ।उसके उपरांत भी गरियाबंद के सीएमएचओ डॉक्टर के, सी, उरांव द्वारा 93 कर्मचारियों की तो बहाली कर दिया गया किंतु एक कर्मचारी जिसका नाम तरुण कुमार जोशी , ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक के पद पर उप स्वास्थ्य केंद्र सुपर बेड़ा में पदस्थ है को अभी तक बहाल नहीं किया है। उक्त कर्मचारी द्वारा बहाली हेतु संगठन से गुहार लगाई गई है । जिसमे उक्त अधिकारी द्वारा जन बूझकर द्वेष भावना से प्रेरित होकर यह कार्यवाही किया गया है। जिसको संज्ञान में लेते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष टार्जन गुप्ता एवं प्रतिनिधिमंडल द्वारा डॉ के. सी. उरांव सीएमएचओ गरियाबंद को संबंधित कर्मचारियों को 7दिवसों में शासन आदेश का पालन करते हुए बहाल करने हेतु पत्र लिखा है। यदि 7 दिवसों में उक्त कर्मचारी को बहाल नहीं किया जाता है तो संगठन द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर संभाग स्तरीय गरियाबंद से सीएमएचओ का घेराव एवं उग्र आंदोलन किया जाएगा ।आंदोलन की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती है तो उसकी समस्त जवाबदारी डॉक्टर के सी उराव गरियाबंद सीएमएचओ की होगी । ज्ञात हो डॉ के. सी. उरांव वर्तमान भाजपा सरकार के विरुद्ध हड़ताल की स्थिति निर्मित कर सरकार को बदनाम करने पर तुली हुई है।

 मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के दिवस संगठन द्वारा इस तरह का चेतावनी पत्र सीएमएचओ गरियाबंद के नाम से जारी किया गया है। एवं माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी को भी उक्त संबंध में अवगत कराते हुए उक्त सीएमएचओ को हटाने की मांग करेंगे। ज्ञात हो कि सुपेबेड़ा किडनी प्रभावित मरीजों का क्षेत्र है जहां पर आए दिन किडनी फेलियर से मरीजों की जान जाती है, ऐसे क्षेत्र को कर्मचारी विहीन कर स्वास्थ्य सेवाएं बाधित करने का कार्य वहां के सीएमएचओ ही कर रहे हैं और बहाली न कर शासन आदेश का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। शासन आदेश का उल्लंघन करने के लिए उक्त सीएमएचओ के ऊपर कार्यवाही की मांग भी संघ द्वारा किया जायेगा।


प्रदेश आईटी सेल प्रभारी सुरेश पटेल ने उक्त जानकारी प्रदान की ।


भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें