प्रदेश में अब तक 35.58 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी - CG Sandesh

प्रदेश में अब तक 35.58 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी

रायपुर : छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर 1 नवम्बर 2023 से धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है। गत डेढ़ माह में अब तक राज्य के 7 लाख 86 हजार 463 पंजीकृत किसानों से 35 लाख 57 हजार 374 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। किसानों की सहुलियत को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 2 हजार 739 धान उपार्जन केन्द्र बनाएगए हैं।

 धान खरीदी के एवज में किसानों को भुगतान के लिए मार्कफेड द्वारा अपेक्स बैंक को अब तक कुल 7 हजार 313.02 करोड़ रूपए जारी किया गया है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के सहुलियत को ध्यान में रखते हुए सुगमतापूर्वक धान खरीदी के निर्देश दिए गए हैं। धान उपार्जन केन्द्रों में निर्धारित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने को कहा गया है।



खाद्य विभाग के अधिकारियों को धान खरीदी व्यवस्था का निरंतर निरीक्षण करने को भी कहा गया है।

राज्य शासन द्वारा इस वर्ष प्रदेश के किसानों से 130 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। इस खरीफ विपणन वर्ष में धान बेचने के लिए प्रदेश के 26.86 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें कुल पंजीकृत रकबा 33.15 लाख हेक्टेयर है, वहीं 2.59 लाख नवीन किसानों ने पंजीयन कराया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक कुल धान खरीदी 35.57 लाख मीट्रिक टन धान में से 27.43 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 17.02 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 15 दिसम्बर को 59 हजार से अधिक किसानों से 2.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। आज की धान खरीदी के लिए 76 हजार 463 टोकन जारी किए गए थे। इनमें टोकन तुंहर हाथ एप के तहत 28 हजार 082 टोकन ऑनलाइन जारी किए गए थे।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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