आदिवासी समाज के साथ कांग्रेस के लोगों ने अत्याचार कियाः केदा... - CG Sandesh

आदिवासी समाज के साथ कांग्रेस के लोगों ने अत्याचार कियाः केदार कश्यप

 रायपुर। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बयान पर भाजपा नेता और विधायक केदार कश्यप ने कहा, कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार में अधिकारी संलिप्त थे और कांग्रेस के मंत्री मुख्यमंत्री के इशारे पर काम कर रहे थे। लगातार हमारे आदिवासी समाज के साथ कांग्रेस के लोगों ने अत्याचार किया। पदोन्नति में आरक्षण को रोक दिया। आरक्षण को लेकर किस तरह से यहां पर नाटक किया गया मुझे यह बताने की आवश्यकता नहीं है।

मंत्रिमंडल के गठन को लेकर केदार कश्यप ने कहा, मंत्रिमंडल के गठन को लेकर मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार है। पार्टी और संगठन आगे तय करेगा। कांग्रेस ने जिनकी टिकट काटी थी वह सभी 22 विधायक पेंशन के लिए आवेदन कर रहे हैं। इस पर विधायक केदार ने तंज कसते हुए कहा, यह तो अब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व बता पाएंगे। शीर्ष नेतृत्व कुछ कहने की स्थिति में नहीं है।


कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में सरकार में रहते हुए भ्रष्टाचार किया। इस तरह से उन्होंने संगठन में रहते हुए भ्रष्टाचार किया। दावेदारों से विधायकों से जिस तरह से पैसे लेने का काम किया है उसके कारण से कांग्रेस के जो विधायक और उम्मीदवार पूर्व विधायक वह सारे के सारे शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ में जा रहे हैं।

केदार कश्यप ने कहा, स्थानीय भर्ती परीक्षा में बस्तर और सरगुजा में पोस्ट को खत्म करने का काम किया। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है तो हमारी अपेक्षा है मोदी जी की जो गारंटी है, उसे गारंटी के साथ हम जनता के साथ चलेंगे और लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करेंगे। आदिवासी समाज की ओर से आयोजित सम्मान कार्यक्रम को लेकर पूर्व मंत्री व विधायक केदार कश्यप ने कहा, आदिवासी समाज के जो कर्मचारी संगठन है उनके द्वारा सभी आदिवासी नवनिर्वाचित विधायकों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

केदार ने कहा, यदि आदिवासी मुख्यमंत्री किसी ने दिया है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है. कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद नकली आदिवासी को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाया। वास्तविकता है यह सच है। उन्होंने कहा, विधानसभा में शीतकालीन सत्र की शुरुआत हो रही है। कल विधानसभा सत्र का पहला दिन है। सभी नवनिर्वाचित विधायक शपथ लेंगे। कल शपथ ग्रहण के बाद ही अुनूपूरक बजट पर चर्चा होगी।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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