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राज्यपाल का अभिभाषण खत्म..पक्ष-विपक्ष के बीच हंगामा शुरू, किसान के आत्महत्या का उठाया मुद्दा..

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज राज्यपाल के अभिभाषण के सत्र की विधिवत शुरुआत हुई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्यपाल को अभिभाषण के दौरान टोकते हुए कहा कि, ऐसे भी यहां इंग्लिश जानने वाले कम ही लोग है, क्यों आप तकलीफ कर रहे हैं, हमलो आपके अभिभाषण को पढ़ा हुआ मान लेंगे। भूपेश बघेल के टोकने के बावजूद राज्यपाल ने अपने अभिभाषण जारी रखा। राज्यपाल ने कहा की मेरी सरकार अपने योजनाओं को पूरा करेगी।। मेरी सरकार गुड गवर्नेंस को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। मेरी सरकार अपने वादों को पूरा करने प्रतिबद्ध है। मेरी सरकार ने 18 लाख आवास के वादा को पूरा किया है।

10 मिनट तक राज्यपाल का संबोधन हुआ। इस दौरान उन्होंने नये विधायकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैं आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। राज्यपाल ने कहा कि आज के दौर में ये जरूरी है कि पक्ष और विपक्ष आपसी समन्वय के साथ मिलकर प्रदेश की बेहतरी के लिए काम करे और लोकतंत्र के लिए आदर्श प्रस्तुत करें। ताकि, लोगों के बीच विधायिका का विश्वास बढ़े। उन्होंने नये विधायकों से संसदीय परंपरा के अनुरूप जिम्मेदारी के निर्वहन की अपील की।


राज्यपाल ने कहा कि मतदान के प्रतिशत का दुरस्त होना और बढ़ना लोकतंत्र के प्रति विश्वास को बताता है। ये आंकड़े लोगों का संविधान के प्रति लगाव को बताने के लिए काफी है। सदन की जो परंपरा है उसे उच्च स्तर पर लेकर जाये। उन्होंने प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार सर्वांगीण विकास करेगी और हर वर्ग के लिए बेहतर काम करेगी।

उन्होंने कहा कि मेरी सरकार दो साल का बकाया बोनस देने का वादा पूरा करने जा रही है। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया। उमेश पटेल ने किसान आत्महत्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश मं किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उमेश पटेल के टिप्पणी के बाद विपक्ष के कुछ और सदस्य भी खड़े होकर बोलने लगे। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच वाद विवाद के बीच भी राज्यपाल का अभिभाषण जारी रहा।राज्यपाल ने PSC के संदर्भ में अपने अभिभाषण में उल्लेख करते हुए कहा है कि PSC को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से नियुक्ति की कार्रवाई की जायेगी।



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पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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