ट्रक, बस चालक जा सकते हैं हड़ताल पर, नए परिवहन कानून को लेकर चालकों में रोष
छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद से कई चीजों में बदलाव देखने को मिल रहा है। नई विष्णुदेव सरकार ने पुरानी भूपेश सरकार की कई व्यवस्थाओं को बदलकर रख दिया है। लेकिन विष्णुदेव सरकार ने कई ऐसे नियम लागू कर दिए हैं, जिसका ताबड़तोड़ विरोध हो रहा है। बदली गई व्यवस्था में एक केंद्रीय परिहन नीति है, जिसे छत्तीसगढ़ में लागू कर दिया गया था। केंद्रीय परिवहन कानून को लेकर पूरे प्रदेश में विरोध देखने को मिल रहा है। इसी के चलते आज प्रदेश के सभी बस ड्राइवर हड़ताल पर जाने की योजना बना रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के बस ड्राइवर नए परिवहन कानून को लेकर हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि हड़ताल के संबंध में आज दोपहर 12 बजे इकट्ठे होंगे और आगे की रणनीति तय की जाएगी। बताया जा रहा है कि अगर ड्राइवर हड़ताल पर गए तो तीन दिनों तक बस बंद हो सकते हैं। हालांकि अभी तक ड्राइवरों के हड़ताल जाने को लेकर अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
वहीं, अंबिकापुर में नए कानून के विरोध में ड्राइवरों ने हड़ताल कर दिया है। ड्राइवरों ने गांधी चौक पर गाड़िया खड़ी कर रास्ता जाम कर दिया है। नए परिवहन कानून के विरोध में बस चालकों के साथ अब ऑटो, ट्रक चालक भी शामिल हो गए हैं। सभी चालक नए परिहन कानून में ड्राइवरों के लिए जो नियम लागू किए गए हैं उसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
क्यों है वाहन चालकों में रोष
बता दें कि पहले वाहन दुर्घटना में मौत होने पर आरोपी चालक को सात वर्ष के कारावास की सजा का प्रावधान था। उच्चतम न्यायालय के निर्णय में कि सात वर्ष की अवधि वाले मामलों में तत्काल जमानत मिलने से दोषी चालक जेल नहीं जा पाते थे। अब लोकसभा में इस कानून में संशोधन कर सम्भवत: 10 वर्ष की सजा तथा दस लाख रुपये जुर्माने के प्रावधान किया जा रहा है। इसे लेकर वाहन चालकों में रोष उत्पन्न हो गया है।