सड़कों पर इंसानों की कीमत कुछ भी नही ! हिट एंड रन कानून के खि... - CG Sandesh

सड़कों पर इंसानों की कीमत कुछ भी नही ! हिट एंड रन कानून के खिलाफ ड्राइवर...

देश में लागू हुए नए हिट एंड रन कानून के खिलाफ ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर चले गए हैं। भारतीय न्याय संहिता 2023 में हुए संशोधन के बाद हिट एंड रन के मामलों में दोषी ड्राइवर पर 7 लाख रुपए तक का जुर्माना और 10 साल तक कैद का प्रावधान है।

नया कानून कहता है कि अगर सड़क दुर्घटना में किसी की मौत हो जाती है और गाड़ी चालक मौके से फरार हो जाता है तो उसे 10 साल की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माना भी भरना पड़ेगा।

जिसके चलते छत्तीसगढ़ सहित देश के कई राज्यों में इसका असर देखने को मिला हालांकि कुछ राज्यों से हड़ताल जैसी बात सामने नही आई है लेकिन छत्तीसगढ़ में ड्राइवर द्वारा किया यह हड़ताल लोगों के लिए मुसीबत बनाता नजर आ रहा है।

पेट्रोल, डीजल से लेकर ट्रांसपोर्ट और बस लगभग सभी चीजों के लिए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों में सन्नाटा नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में लगभग 3 दिनों तक यह हड़ताल चलने वाली है। इनकी मांग है कि हिट एंड रन कानून के खिलाफ लाये जा रहे नए कानून को वापस लिया जाए।

कहा जा रहा है हिट एंड रन के मामलों में दोषी ड्राइवर पर लगे 7 लाख रुपये जुर्माना वह कहां से लाएगा, कैसे चुकाएगा। सड़क दुर्घटना में दोषी ड्राइवर पर लगे 7 लाख रुपए का जुर्माना चुकाना इन्हें एक इंशान की कीमत से कहीं ज्यादा लग रहा है।

क्या एक मानव जीवन का मूल्य अब इस लगने वाले जुर्माने से कम है ? आये दिन लगातार लापरवाही की वजह से सड़कों पर हादसे हो रहे हैं लोग सड़कों पर अकाल मृत्यु को गले लगा रहे हैं। इन हादसों से कहीं कोई बेसहारा हो रहा तो कोई कहीं पूरा अपना परिवार खो देता है। इतनी मौत के बाद भी किसी को सहानुभूति नही मिलती।

आज भी छत्तीसगढ़ के सरायपाली से लेकर रायपुर तक नेशनल हाइवे में सड़कों पर ही भारी वाहनों को खड़ा करते देखा जा सकता है । जिसके पीछे खड़ी गाड़ी से टकराकर कई लोग मौत को गले लगा चुके हैं। बावजूद इसके इनमें कोई सुधार नही हुआ। समय और डीजल की कीमत एक मानव जीवन से कितना अधिक है यह हम गलत दिशा में चलने वाले वाहनों को देखकर बता सकते हैं। लोग जानते हैं यह गलत है, हादसा हो सकता है, बावजूद इसके वे अपनी अकड़ से पीछे नही हटते। क्योंकि ऐसा करने से आखिर कानून में नियम के तहत उन्हें क्या ही सजा मिलेगी यातायात के नियमों का डर ना होने की वजह से ये अपनी गलतियों से बाज नही आते और आज लगातार सड़क में मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिसे कम करने की कोशिश में सरकार जुटी है लेकिन कुछ लोगों को यह रास नही आ रहा। ये वही लोग हैं जो सड़क हादसे में किसी की मौत पर थोड़ी देर सहानुभूति जरूर दिखाते हैं लेकिन उसमें किसी तरह का कोई बदलाव नही चाहते। सब किस्मत और भाग्य समझते हैं।

यातायात में बने नियमों का लोग पालन नही करना चाहते, सुरक्षा जी का जंजाल नजर आती है। दोपहिया वाहन में हेलमेट, बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाना, नशे में वाहन चलाना इन सबके लिए पहले से ही कानून बने हैं, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए स्वतः ही जागरुक होकर बने इन नियमों का पालन लोग करने से कतरा रहे हैं तो शायद इन कानून को अब सख्त करने की जरूरत है। यह कानून सुरक्षा और सकड़ में सुरक्षा लाने किया जा रहा है।

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