CGPSC घोटाले की CBI करेगी जांच..साय कैबिनेट की बैठक में लिये... - CG Sandesh

CGPSC घोटाले की CBI करेगी जांच..साय कैबिनेट की बैठक में लिये गये कई बड़े फैसले..

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। विष्णुदेव साय की पहली कैबिनेट की बैठक खत्म हो गयी है। नये साल की इस पहली बैठक में कई अहम फैसले लिये गये हैं। डिप्टी सीएम अरूण साव ने बताया कि राज्य सरकार ने सीजीपीएससी की जांच का फैसला लिया है। राज्य सरकार CGPSC की सीबीआई जांच के लिए केंद्र को सिफारिश भेजेगी।


बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1. राज्य के युवाओं के हित में राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2021 के संबंध में प्राप्त अनियमितताओं की शिकायतों के परिपेक्ष्य में विस्तृत जाँच हेतु केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो को प्रकरण प्रेषित किए जाने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा परीक्षा-2021 के अंतर्गत 12 विभागों के 170 पदों पर भर्ती के लिए चयन सूची जारी की गई है।

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर प्रदेश के किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदी (लिंकिंग सहित) करने का निर्णय लिया गया है।

मंत्रिपरिषद के इस निर्णय से राज्य शासन द्वारा किसानों से 21 क्विंटल धान खरीदी का वायदा पूरा हो गया है। गौरतलब है कि धान खरीदी का यह वायदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी में भी शामिल रहा है।

3. छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डधारी परिवारों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए उन्हें आगामी पांच वर्ष तक निःशुल्क खाद्यान्न वितरण का निर्णय लिया है, इससे राज्य के 67 लाख 92 हजार 153 राशनकार्डधारी परिवार लाभन्वित होंगे और उन्हें आगामी 5 सालों तक राशन दुकानों से निःशुल्क चावल मिलेगा।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत जारी राशन कार्डों में जनवरी-2024 से आगामी 5 सालों तक निःशुल्क खाद्यान्न वितरण के समान ही छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम-2012 के तहत जारी अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डों में निःशुल्क खाद्यान्न वितरण करने का फैसला लिया गया है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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