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कोयला घोटाला : गिरफ्तार हो सकते हैं विधायक देवेंद्र यादव...कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

 रायपुर। कोयला घोटाले मामले में आज रायपुर की विशेष ED कोर्ट ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की अग्रिम जमानत खारिज कर दी। शानिवार को मामले में जेल में बंद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जज अजय सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विधायक की जमानत याचिका खारिज कर दी।

कोयला घोटाले में ये हैं आरोपी

इनमें निलंबित IAS समीर विश्नोई, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, सुनील अग्रवाल, शिवशंकर नाग, लक्ष्मीकांत तिवारी और दीपक टांक समेत राजेश चौधरी शामिल हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया ने मेडिकल लगाकर कोर्ट आने में असमर्थता जताई।

सौम्या चौरसिया नहीं हुई पेश

कोयला घोटाले मामले में (CG News) संस्पेंड आईएएस समीर विश्नोई, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, सुनील अग्रवाल, शिवशंकर नाग, लक्ष्मीकांत तिवारी, दीपक टांक समेत राजेश चौधरी पर आरोप हैं। इसके अलावा सस्पेंड अधिकारी सौम्या चौरसिया कोर्ट नहीं आई। कोर्ट न आने की वजह उन्होंने मेडीकल कंडीशन बताई।



विधायक देवेंद्र यादव के वकील ने कहा केस झूठा

कोर्ट में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के वकील ने कहा जब इनकम टैक्स का मुकदमा ही बेनियाद है तो ईडी का केस ही इनकम टैक्स पर आधारित है ऐसे में ईडी को केस नहीं चलाना चाहिए।

विधायक देवेंद्र यादव के वकील का कहना था कि जो चैट और D यादव और D नवाज का नाम आया है उसमें से यह प्रूफ नहीं होता है कि यह पैसा देवेंद्र यादव तक पहुंचा है। ना ही कोई डायरेक्टर लिंक साबित होने के सबूत हैं। उन्होंने पहले चैट का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें पैसों के लेन-देन का कोई जिक्र नहीं हुआ है।

जमानत खारिज होने पर विधायक के वकील ने कहा हम आगे के कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे।

विधायक देवेंद्र यादव की याचिका के अलावा अरविंद सिंह जो कि शराब घोटाले में आरोपी है, दूसरा आवेदन इनका था जमानत लेने के लिए कार्ट ने यह भी खारिज कर दिया।

कोयला घोटाले में 10 आरोपी जेल में

बता दें कि कोयला घोटाले में 10 आरोपी जेल में हैं।(CG News) ईडी के वकील ने कहा फिलहाल हमें 220 करोड़ के घोटाले का पता चला है। वैसे तो घोटाला 540 करोड़ का है। आगे की छानबीन के लिए हमने कोर्ट में अर्जी दी है ताकि हमें परमिशन मिल सके।


भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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