दहेज के लिए पति ने की मारपीट, महिला ने फांसी लगाकर दे दी जान - CG Sandesh

दहेज के लिए पति ने की मारपीट, महिला ने फांसी लगाकर दे दी जान

 बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम गतौरा में रहने वाली महिला ने दहेज प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही महिला के पति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

मस्तूरी क्षेत्र के लिमतरा में रहने वाली वर्षा राठौर (24) की शादी गतौरा में रहने वाले संजू राठौर से हुई थी। वर्षा के पिता गोपी राठौर ने पुलिस को बताया कि शादी के चार महीने बाद ही संजू उनकी बेटी को मायके से रुपये लाने के लिए कहता। बेटी के कहने पर उन्होंने अपने दामाद को 25 हजार रुपये दिए। इसके एक साल बाद उसने फिर से रुपये मांगे। तब गोपी ने धान बेचकर फिर से 25 हजार रुपये दे दिए। इसी बीच उनकी बेटी ने एक बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद वे अपने बेटी को लेकर लिमतरा चले गए थे।


स्वास्थ्य ठीक होने के बाद उन्होंने अपनी बेटी को ससुराल भेज दिया। दो महीने बाद ही संजू ने वर्षा को परेशान करना शुरू कर दिया। उसने जयरामनगर में आटो पार्टस की दुकान खोलने के लिए वर्षा को मायके से रुपये लाने के लिए कहा। गोपी ने 10 हजार रुपये देकर बाकी रुपये बाद में देने की बात कही। गोपी ने बताया कि 11 अक्टूबर की सुबह संजू दुकान जयरामनगर आ गया था। रात को वह गया तो किसी बात को लेकर वर्षा और संजू के बीच विवाद हो गया। इस दौरान संजू ने वर्षा की पिटाई कर दी। मारपीट के बाद वह अपने कमरे में सो गया। रात करीब 12 बजे जब वह जागा तो वर्षा का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। उसने परिजनों और पुलिस को घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पीएम कराया। मायके वालों के बयान के आधार पर पुलिस ने संजू के खिलाफ धारा 304 के तहत जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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