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सरकारी भर्ती में आयु सीमा में बढ़ी छूट, युवाओं के हित में साय कैबिनेट का बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई।

बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

1. मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के शिक्षित बेेरोजगारों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट की अवधि को पांच साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। अभ्यर्थियों को आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट का लाभ 31 दिसम्बर 2028 तक मिलेगा।
     
छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष में दी गई, पांच वर्ष की छूट अवधि को 01 जनवरी 2024 से 31 दिसम्बर 2028 तक अर्थात् पांच वर्ष तक बढ़ाए जाने एवं अन्य विशेष वर्गाें के लिए अधिकतम आयु सीमा में देय छूट को यथावत रखते हुए सभी छूटों को मिलाकर अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष यथावत निर्धारित रहेगी। यह छूट गृह (पुलिस) विभाग के लिए लागू नहीं होगी।

छत्तीसगढ़ पुलिस के जिला पुलिस आरक्षक संवर्ग में भर्ती के लिए वर्ष 2018 में 2259 रिक्त पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। इसके पश्चात लगभग 5 वर्ष उपरांत दिनांक 04/10/2023 को जिला पुलिस बल के आरक्षक संवर्ग के 5967 रिक्त पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया है। ऑनलाईन आवेदन लेने की प्रक्रिया जारी है। अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिपरिषद द्वारा पुरूष अभ्यर्थियों को उच्चतर आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया है।

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों की माननीय न्यायालयों से वापसी के लिए नवीन मंत्रिपरिषद की उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया है।

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पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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