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अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा ऐतिहासिक क्षण : अरुण साव

 लोरमी में 5 टन बेर से बनी रामलला की आकृति ने खींचा लोगों का ध्यान

रायपुर । उप मुख्यमंत्री अरुण साव सोमवार को अयोध्या में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर लोरमी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का सीधा प्रसारण देखा और इसके साक्षी बने। कार्यक्रम में अतिथियों का तिलक लगाकर और गमछा भेंटकर स्वागत किया गया। पूरे देश की तरह मुंगेली जिले में भी आज हर तरफ हर्ष और उल्लास का माहौल रहा। जिले में दिनभर पूरा वातावरण राममय रहा। लोगों ने स्वस्फूर्त जगह-जगह विविध कार्यक्रम आयोजित किए।


उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी के हाई स्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में रामलला की बेर से बनी आकृति का दर्शन किया और महाआरती में शामिल होकर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज ऐतिहासिक क्षण है। अयोध्या धाम में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। पिछले 500 साल से रामभक्त आज के इस ऐतिहासिक दिन का इंतजार कर रहे थे। आज भगवान राम के इस उत्सव को पूरे देश के लोग अपने-अपने तरीके से मना रहे हैं। हर गली, हर मोहल्ले को सजाया गया है। अनेक धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। ये आयोजन भगवान राम के प्रति लोगों के स्नेह, श्रद्धा और सम्मान को दर्शा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है, जिसके कारण यहां खुशी और उमंग बहुत ज्यादा है। आज दीपावली जैसा उत्सव का वातावरण है। ऐसे माहौल में लोरमी भी किसी से पीछे नहीं रहने वाला है। जिस बेर को शबरी माता ने भगवान राम को खिलाया था, वैसे पांच टन बेर से भगवान राम की आकृति बनाने का रिकॉर्ड यहां की धरती पर बना है। उन्होने कहा कि यह केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं है, बल्कि पूरे भारतवासियों के मान-सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। एक स्वाभिमानी, समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल भारत की मजबूत नींव का निर्माण आज अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण के साथ हुई है। उन्होंने इसके लिए पूरे छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

बेर से बनी रामलला की आकृति रही आकर्षण का केन्द्र
अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर लोरमी के हाई स्कूल मैदान में पांच टन बेर से भगवान श्रीराम के बालरूप की आकृति बनाई गई, जो लोगों के खासे आकर्षण का केंद्र रहा। बड़ी संख्या में लोग इसका दर्शन करने पहुंचे। इस आकृति की खास बात यह है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के जिस बालरूप की प्राण प्रतिष्ठा हुई है, उसी बालरूप की आकृति मैदान में बेर से उकेरी गई है। इस आकृति को 30 से अधिक कलाकारों ने 22 घंटे की कड़ी मेहनत से बनाया है, जो अपने आप में अनूठा रिकॉर्ड है।

कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय गाने पर जमकर झूमे उप मुख्यमंत्री, मानस मंडलियों को किया सम्मानित
प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के अवसर पर कलाकारों द्वारा भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम, मानस गायन और भगवान श्रीराम द्वारा शबरी के जूठे बेर खाते हुए झांकी की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी अपने आप को भक्तिमय वातावरण में झूमने से नहीं रोक सके और वहां उपस्थित अतिथियों के साथ भक्तिमय गाने सुनकर जमकर झूमे। उन्होंने कार्यक्रम में मानस मंडलियों को पांच-पांच हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि तथा तबला व हरमोनियम प्रदान कर सम्मानित किया। साव ने लोरमी के मानस मंच में नवनिर्मित राम दरबार में भी पहुंचकर दर्शन किया और महाआरती में शामिल होकर सभी की खुशहाली की कामना की। नगरवासियों के सहयोग से मात्र 11 दिनों में ही इस राम दरबार का निर्माण किया गया है। मुंगेली के कलेक्टर राहुल देव, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह, वन मंडलाधिकारी सत्यदेव शर्मा, जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, पूर्व विधायक तोखन साहू, जिला पंचायत की सदस्य श्रीमती शीलू साहू और श्रीमती दुर्गा उमाशंकर साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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