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छत्तीसगढ़ के 11 यूनिवर्सिटी डिफाल्टर घोषित...जानिए UGC ने क्यों लिया ऐसा फैसला

रायपुर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देशभर की 432 यूनिवर्सिटीज सहित छत्तीसगढ़ के 11 नामी सरकारी विश्वविद्यालयों को डिफाल्टर सूची में डाल दिया है. बताया जा रहा है कि, डिफाल्टर सूची में शामिल विश्वविद्यालय UGC की गाइडलाइन पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद इन विश्वविद्यालयों को नोटिस भी जारी किया गया है. माना जा रहा है कि UGC इन यूनिवर्सिटी पर बड़ा एक्शन भी ले सकती है. इस लिस्ट में रायपुर स्थित ट्रिपल आईटी, कुशाभाऊ ठाकरे यूनिवर्सिटी, बिलासपुर और दुर्ग विश्वविद्यालय सहित बड़े विश्वविद्यालयों के नाम शामिल हैं.

यूनिवर्सिटीयो ने गाइडलाइन का नहीं किया पालन

मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय (University) को लोकपाल समेत शोधपीठों और प्रत्येक जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी है, जो नहीं हुई. इसके बाद UGC विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने गाइडलाइन का पालन नहीं करने वाले विश्वविद्यालयों का नाम सार्वजनिक किया हैं। इसके बाद से हड़कंप की स्थिति है.

दुर्ग के तीन संस्थान सूची में क्यों?

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने दुर्ग हेमचंद यादव, महात्मा गांधी उद्यानिकी और कामधेनु विश्वविद्यालय को डिफाल्टर घोषित कर दिया है. हाल ही में उसे यूजीसी ने एक सूची जारी की है जिसमें उन विश्वविद्यालय को रखा गया है जिन्होंने यूजीसी के निर्देशो की अवहेलना की और यूजीसी के नियमों का पालन नहीं किया. इन तीनों संस्थाओं को यूजीसी ने लोकपाल नियुक्त करने को कहा था. लेकिन, अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है.

ये सभी UGC यूनिवर्सिटी का नाम हैं शामिल

  1. अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय, बिलासपुर
  2. आयुष विश्वविद्यालय, रायपुर छत्तीसगढ़
  3. छत्तीसगढ़ कामधेनू विश्वविद्यालय, अंजोरा दुर्ग
  4. हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग
  5. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर
  6. इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़
  7. इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, नया रायपुर
  8. महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय, पाटन
  9. संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा
  10. शाहिद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़
  11. कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर

जानिए राज्य के किन 11 शासकीय यूनिवर्सिटी के नाम हैं शामिल

इस मामले में जब उच्च शिक्षा कमिश्नर शारदा वर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि, ‘UGC ने नोटिस जारी किया था कि सभी विश्वविद्यालयों को लोकपाल रखना है, जो विद्यार्थियों की शिकायत सुनेगा और समस्या का समाधान करेगा लेकिन देश के लगभग 300 यूनिवर्सिटी हैं जिन्होने लोकपाल की भर्ती नहीं की है. उसमें से 11 छत्तीसगढ़ के यूनिवर्सिटी है. लोकपाल नियुक्ति के लिए अभी समय दिया गया है.

शिक्षा विद ने क्या कहा?

इस मामले पर शिक्षा विद और कानून के जानकारी अधिवक्ता नितेश साहू का कहना है कि जल्द से जल्द विश्वविद्यालयों को लोकपाल नियुक्त करना चाहिए जिससे यह सभी विश्वविद्यालय डिफॉल्टरों की सूची से बाहर आ सकें. उनका कहना है कि वे विश्वविद्यालय के कुल सचिव और कुलपतियों को इस बाबत मांग पत्र भी सौपेंगे ताकि जल्द से जल्द इन विश्वविद्यालय में लोकपाल की नियुक्ति की जा सके.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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