बुरी तरह फंसते हुए अमरजीत : 45 ठिकानों पर जारी कार्रवाई, अब ... - CG Sandesh

बुरी तरह फंसते हुए अमरजीत : 45 ठिकानों पर जारी कार्रवाई, अब तक 2.1 करोड़ कैश और ज्वैलरी बरामद

रायपुर। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के ऊपर आयकर विभाग(IT) का शिकंजा कसता जा रहा है। बुधवार सुबह से प्रदेश में आयकर विभागों की टीमें पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और उनके कारोबारी सहयोगियों के लगभग 45 ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं। पहले दो दिन की जांच में आयकर टीमों को सभी ठिकानों से लगभग 2.1 करोड़ रुपए नगद और जेवरात सीज किए हैं। ज्वैलरी का मूल्यांकन कराया जा रहा है।



इनके अलावा बड़ी संख्या में दस्तावेज, बैंक पासबुक, ऑनलाइन हार्डडिस्क, रिकॉर्ड आदि जब्त किया गया है। खबर है कि चुनाव के दौरान राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में शपथ पत्र में बताई गई संपत्ति की जानकारी का रिकॉर्ड भी मिलाया जाएगा। रायपुर, भिलाई दुर्ग, की राजनांदगांव, कोरबा और अंबिकापुर में चल एक रहे छापों की जांच दो-तीन दिन और जारी रहने की संभावना है।

जांच के दायरे में प्रमुख रूप से 27 निवास और 18 कार्यालय शामिल हैं। इन ठिकानों पर आयकर के 300 अफसर- स्टाफ और करीब 130 सशस्त्र जवान तैनात हैं। भगत के स्टाफ और करीबी सब इंस्पेक्टर रूपेश नारंग, डिप्टी कलेक्टर अमित शेट्टे, निज सहायक राजेश वर्मा, ड्राइवर महेंद्र पासवान के यहां भी दूसरे दिन से भी पड़ताल होती रही।

आयकर सूत्रों के अनुसार भगत के नजदीकी बिल्डरों के प्रोजेक्ट और जमीन के सौदों की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। आयकर विभाग को जांच के दौरान एक ऐसे व्यक्ति के बारे में पता चला जिसे पूर्व मंत्री का सूत्रधार और निजी जानकारी रखने वाला माना जाता है। आयकर टीम ने उसे हाजिर होने को कहा है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें