बस्तर दशहरे के लिए हर साल 50 लाख रुपये व राम महोत्सव और चित्... - CG Sandesh

बस्तर दशहरे के लिए हर साल 50 लाख रुपये व राम महोत्सव और चित्रकोट महोत्सव के लिए 15 लाख रुपये देंगे : बृजमोहन अग्रवाल

 रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक किरण सिंह देव की मांग पर सदन में संस्कृति और धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बस्तर दशहरे के लिए हर साल 50 लाख रुपये देने की घोषणा की है। वहीं राम महोत्सव के लिए और चित्रकोट महोत्सव के लिए 15 लाख रुपये देने की बात कही है। साथ ही गोंचा पर्व के लिए 5 लाख रुपये दिए जाएंगे।

किरण देव विधायक ने सवाल उठाया, बस्तर संभाग में अंतर दर्शन की योजना अंतर्गत मेला महोत्सव आयोजन में वर्ष 2021 से अब तक कब-कब और कहां-कहां शासन की योजना अंतर्गत मेला महोत्सव का आयोजन किया गया है??? इसके लिए कितनी राशि अनुदान कहां-कहां प्रदायकी गई है??? महोत्सव के लिए राज्य शासन द्वारा व्यक्ति वर्षों में कितनी कितनी राशि का बजट प्रावधान किया गया था??? कितनी राशि व्यय की गई थी?? अनियमितता की शिकायत हुई है???हुई है तो शिकायतो पर क्या कार्यवाही की गई है????


मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने जवाब दिया, बस्तर की सस्कृति और मेला पर्व के माध्यम से लोगो का जीवन जीवंत होता आया है। जिसमे बस्तर के आदिवासी पर्व मनाते है। पहले इन उत्सव के लिया पैसा नही दिया जाता था। कोंचा पर्व क्षत्रकोट महोत्सत और रामाराम महोत्सव जिसका पैसा हम केवल संस्कृति विभाग नही बल्कि पर्यटन विभाग से भी उपलब्ध कराते है।

विधायक किरण देव ने पूछा बस्तर में दशहरा 75 दिनों का आयोजित किया जाता है। मंत्री जी से निवेदन है की क्या थोड़ा व्यवस्थित रूप यह महोत्सव हो सके इसके लिए और अधिक राशि प्रदान कर सकते है????

मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में घोषणा करते हुए कहा पहले अब तक कुल 35 लाख रु हम संस्कृति और पर्यटन से देते थे अब हम धर्मस्य विभाग से भी पैसे बढ़वाकर 50 लाख रु महोत्सव के लिए देंगे। वही दूसरा महोत्सव रामाराम के लिए 10 की जगह अब 15 लाख दिए जायेंगे और गोंचा पर्व के लिए 3 से बढ़ाकर 5 लाख दिया जाएगा।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें