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छत्तीसगढ़ में CBI की वापसी, राज्य सरकार ने भ्रष्‍टाचार मामले में जांच की दी अनुमति, जानें पूरा मामला

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार आते ही CBI की भी एंट्री को चुकी है। केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को राज्य सरकार ने भ्रष्‍टाचार मामले में जांच करने की अनुमति दे दी है। इस मामले में सोमवार को गृह विभाग ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। बता दें कि यह पूरा मामला रिश्वतखोरी से जुड़ा है। CBI दिल्‍ली विशेष पुलिस स्‍थापना (डीएसपीआई) अधिनियम के तहत जांच करेगी।

जानकारी के अनुसार CBI ने 29 जनवरी 2024 को भिलाई में BSP कर्मी शम्‍सुज्‍जमा खान (शमा) को रिश्वत लेते पकड़ा था। जिसके बाद CBI ने इस मामले में गृह विभाग से अनुमति मांगी थी। सोमवार (19 फरवरी) को गृह विभाग ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए CBI को भ्रष्‍टाचार मामले में जांच की अनुमति दे दी है।



क्या है पूरा मामला

CBI ने 29 जनवरी 2024 को भिलाई में BSP कर्मी शम्‍सुज्‍जमा खान (शमा) को रिश्‍वत लेते रंगे हाथो पकड़ा था। शमा पर मकान आवंटित करने के नाम पर रिश्‍वत लेने का आरोप है। दरअसल, CBI को शिकातय मिली थी कि एक व्‍यक्ति से मकान आवंटित करने के नाम पर 20 हजार रुपये रिश्‍वत की मांग की थी।  जिसके बाद CBI ने शमा को योजनाबद्ध तरीके से गिरफ्तार कर लिया। CBI ने इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी।

CBI को क्यों मांगनी पड़ी अनुमति

2019 में भूपेश बघेल की सरकार ने CBI के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। कांग्रेस सरकार ने 2019 में सीबीआई को दी गई सहमति रद्द कर दी थी। जिसके बाद अब साय सरकार ने जांच की अनुमति दे दी है। बता दें कि किसी भी राज्‍य में कार्यवाही करने से पहले CBI को राज्य सरकार से अनुमति लेना अनिवार्य है। वहीं कहा जा रहा है कि राज्य सरकार CGPSC गड़बड़ी का मामला CBI को जल्द सौंप देगी।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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