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एमपी एमएलए कोर्ट में सुनवाई के दौरान पेश हुई जाया प्रदा, दर्ज कराया बयान

रामपुर। उत्तर प्रदेश में रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में आचार संहिता उल्लंघन के दो मामलों में बुधवार को हुई सुनवाई के तहत सिने अभिनेत्री एवं पूर्व सांसद जयाप्रदा ने बयान दर्ज कराए। जिले की एमपी एमएलए कोर्ट में आज जया प्रदा की पेश हुई। सीआरपीसी की धारा 313 के तहत उनके बयान हुए। । अब अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी। कोर्ट से बाहर निकली जया प्रदा के सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रवीण कुमार ने कहा कि आज जया प्रदा के बयान दर्ज हुए हैं। उन्होंने कहा कोर्ट का वह पहले भी और आज भी सम्मान करते हैं। मीडिया में कुछ बयानबाजी चल रही थीं जो आज सिरे से खारिज हो गई।



मैंने आचार संहिता उल्लघंन जैसा कोई काम नहीं किया: जया प्रदा
जया प्रदा ने बताया कि उन्होंने अपने बयानों में कहा है कि उन्होंने आचार संहिता उल्लघंन जैसा कोई काम नहीं किया। जाने अंजाने अगर कोई गलती हुई हो तो उसके लिए क्षमा चाहती हैं। मैंने जानबूझकर कोई गलत काम नहीं किया और आगे भी नहीं करेंगी। कोर्ट के आदेश पर आज वह हाजिर हुई हैं। आज फिर एमपी एमएलए कोर्ट में पूर्व सांसद जया प्रदा पेश हुई। फरार घोषित होने पर 04 मार्च को वह कोर्ट में हाजिर हुई थीं। जया प्रदा को कोर्ट ने दो घंटे से ज्यादा न्यायिक हिरासत में लेकर जमानत दी थी। जया प्रदा पर चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के दो मामले एमपी एमएलए की स्पेशल कोर्ट में चल रहे हैं, जिसके चलते आज वह फिर पेश हुई।

जयाप्रदा पर वर्ष 2019 में आचार संहिता उल्लंघन के दो मामले विचाराधीन
जयाप्रदा पर वर्ष 2019 में आचार संहिता उल्लंघन के दो मामले विचाराधीन हैं। जिले के स्वार थाने के गांव नूरपुर में जयाप्रदा ने 19 अप्रैल 2019 को एक सड़क का उद्घाटन किया था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके आधार पर फ्लाइंग स्क्वॉड टीम के मजिस्ट्रेट-34 स्वार डा. नीरज कुमार पराशरी ने आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई लगातार एमपी- एमपीएल कोटर् (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है। जयाप्रदा के खिलाफ वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान ही दूसरा मामला भी दर्ज है। उनके खिलाफ केमरी थाने में चुनाव आचार संहिता उल्लंघन में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।



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पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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