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पंचायतों में जनप्रतनिधि चुनने का क्या हो सकता है दूसरा विकल्प, सरकार मांगेगी सुझाव

रायपुर,  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मोदी की गारंटी के अंतर्गत राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रो के विकास में अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है। लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की अवधारणा के अंतर्गत सत्ता की सबसे मूल इकाई पंचायत राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक सुझाव और सहयोग प्राप्त करने के आकांक्षा के साथ इस महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज राज्य स्तरीय महापंचायत के सम्बंध में विस्तृत जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि राज्य स्तरीय महापंचायत का आयोजन दोपहर 12 बजे से साइंस कॉलेज मैदान, रायपुर में किया जाएगा।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य, ग्राम पंचायतों के सरपंच, उप सरपंच इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इस दौरान जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी लिये जायेंगे। सुझाव में में एक महत्वपूर्ण बिंदु पंचायतों में जनप्रतिनिधि के चयन के विकल्प का भी है। विजय शर्मा ने बताया कि छोटे-छोटे पंचायतों में चुनाव की वजह से वैनमस्यता बढ़ती है, ऐसे में चुनाव का दूसरा विकल्प क्या हो सकता है, इस पर भी जरूर विचार किया जाना चाहिये। विजय शर्मा ने कहा कि पंचायत के प्रतिनिधियों से इस संदर्भ में विचार मांगा जायेगा। सुझाव अगर आते हैं, तो फिर आगे के विकल्पों पर विचार होगा।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि राज्य स्तरीय महापंचायत कार्यक्रम में शामिल होने वाले निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सुझाव हेतु सुझाव पेटी रखा जाएगा, जिसमें वे अपने सुझाव दे सकते हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि सरकार गठन के तुरंत बाद पहली केबिनेट बैठक में 18 लाख ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास दिये जाने का निर्णय लिया गया। योजना अंतर्गत कुल 65,615 आवास पूर्ण किये गये हैं एवं 457.00 करोड़ रूपये की राशि जारी की गयी है। निर्माणाधीन आवासों को पूर्ण किये जाने के लिये में कुल राशि रूपये 711.05 करोड़ शासन द्वारा जारी किया गया है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान अंतर्गत 26,357 विशेष पिछड़ी जनजाति समूह परिवारों का पंजीयन, 15,154 परिवारों को स्वीकृति एवं 13,254 परिवारों को राशि रूपये 55.41 करोड़ जारी किया गया है। शासन द्वारा पीएम जनमन में 81.73 करोड़ रूपए की राशि उपलब्ध करायी गयी हैं।


पीएम जनमन के तहत 467 विशेष पिछड़ी जनजाति समूह बसाहटों को जोड़ने हेतु भारत सरकार के लक्ष्य के अनुरूप वर्ष 2023-24 में राशि 847.00 करोड़ लागत की 1180 किमी. लंबाई की 333 सड़कों, की स्वीकृति प्रदान की गयी, इन सड़कों से 366 विशेष पिछड़ी जनजाति समूह बसाहटें लाभान्वित होगी। शेष 82 विशेष पिछड़ी जनजाति समूह बसाहटों के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 256 सड़कें घोर नक्सली क्षेत्र में आने के कारण 4-5 वर्षों से अपूर्ण थी, इन अपूर्ण सड़कों को पूर्ण करने कार्य-योजना तैयार की गयी। जिनमें वर्तमान में पुलिस प्रशासन के सहयोग से 23 सड़कों में निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु 1419 किमी लंबाई की 346 सड़कों हेतु राशि 349 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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